अल्बर्ट आइंस्टीन जीवनी – Albert Einstein Biography In Hindi

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अल्बर्ट आइंस्टीन जीवनी – Albert Einstein Biography In Hindi! दोस्तों अल्बर्ट आइंस्टीन का नाम तो आप सब ने सुना ही होगा अगर आप Albert Einstein के बारे में और उनके inventions के बारे में डिटेल में जानना चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम albert einstein inventions list in hindi, albert einstein ki khoj, Albert Einstein Biography In Hindi के बारे में डिटेल में जानिंगे।

“आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।यह कहावत बहुत ही विख्यात है वैसे तो विज्ञान की शुरुआत हमारे पूर्वज आदि मानव ने ही कर ली थी, उन्होंने शिकार करने के लिए हड्डियों तथा पत्थरों से हथियार बनाना चालू कर दिया था  इससे उन्हें शिकार करने में काफी आसानी होती थी वे शिकार को बड़े आसानी से मार भी सकते थे।

जैसेजैसे उन्हें लगा कि हमें इस कच्चे मांस को पकाकर भी खाना चाहिए, जब एक बार आसमान से बिजली गिरी और आग का रूप धारण कर लिया, वहां पर उन्होंने कुछ मांस का हिस्सा जला दिया था। उसे खाने पर उन्हें बड़ा ही स्वादिष्ट लगा धीरे धीरे उन लोगों ने दो पत्थरों को आपस में टकरा कर आग पैदा की इस तरह से आदिकाल में ही आग की खोज हो गई थी।

आज आधुनिक काल में ऐसी कई तकनीक तथा आविष्कार हो चुके हैं। जिनका उपयोग मानव अपने विभिन्न कार्यों को संपन्न करने में करता है। इन तकनीकों तथा आविष्कारों के माध्यम से मानव ने अपनी जीवन को सरल तथा सुख माय बनाने का भरपूर कोशिश की, यदि हम सभी पहलू को देखें तो इससे कुछ हानियां तथा कुछ लाभ भी होते हैं, लेकिन मानव हमेशा अपने लाभ के लिए ही कार्य करता है और उससे होने वाली हानियों को दरकिनार कर देता है, परंतु कुछ वैज्ञानिक ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने अनुसंधान और नई खोजों के माध्यम से दुनिया को एक नया ज्ञान दिया है।

आज हम इस लेख में विश्व के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक Albert Einstein (अल्बर्ट आइंस्टीन जीवनी – Albert Einstein Biography In Hindi) के बारे में बताएंगे। हम यह भी बताएंगे कि उन्होंने अपने जीवन में कितने लेख लिखे और कितने आविष्कार किए हैं।

अल्बर्ट आइंस्टीन जीवनी – Albert Einstein Biography In Hindi

अल्बर्ट आइंस्टीन इतिहास के सबसे प्रसिद्ध और विख्यात वैज्ञानिक है उन्होंने अपने कई आविष्कारों के माध्यम से मानव जाति तथा प्रकृति को सुरक्षित करने का कार्य किया है। शुरू में उन्हें लोग हिन दृष्टि तथा पागल माना करते थे परंतु उनके नए अनुसंधान तथा खोजों के माध्यम से आज उन्हें इतिहास का सबसे महान वैज्ञानिकों में से एक माना कहा जाता है। वास्तविक आविष्कारों की बात करें तो अल्बर्ट आइंस्टीन ही एक ऐसे वैज्ञानिक है, जिन्होंने कई आविष्कार किए हैं।

उन्होंने अपने जीवन में 300 से भी ज्यादा रिसर्च पेपर तथा लेख लिखे हैं। उनके बेहतरीन आविष्कारों के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने अपने जीवन में कई पुस्तकें भी लिखी है और उन्हें टाइम्स पत्रिका में शताब्दी पुरुष भी घोषित किया है, इससे आप अनुमान लगा सकते हैं, कि इतने महान वैज्ञानिक का जीवन कितनी शिक्षाएं तथा ज्ञान से भरपूर है।

उनका जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था, परंतु धार्मिक नीतियों को नहीं मानते थे क्योंकि उनका मानना था कि विज्ञान हर चीज में मौजूद है उसी से यह ब्रह्मांड बना है।हालांकि विशेषकर जो लोग धार्मिक प्रवृत्ति के थे वे पहले भी उनकी सोच  का विरोध करते थे और आज भी करते हैं।

इसमें किसी भी धार्मिक गतिविधियों का हस्तक्षेप नहीं है परंतु एक तबका ऐसा भी है, जो धार्मिक गतिविधियों को ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति मानते हैं उनके दोस्त भी यहूदी धर्म के थे।

माना जाता है आइंस्टीन को धर्मनिरपेक्ष हितों के माध्यम से प्रेरित करने की कोशिश की परंतु वह भावुक जातिवाद तथा अन्य ऐसी परंपराओं को नहीं मानते थे जिससे वह विज्ञान से दूर हो जाए।

अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म

इस महान वैज्ञानिक का जन्म 14 मार्च 1879 में हुआ था इनका जन्म स्थान जर्मनी है यदि हम आइंस्टीन के धर्म की बात करें तो वह एक यहूदी धर्म में आते हैं। इनका भी जीवन बहुत ही सामान्य परिस्थितियों से गुजरा है। इनका नाम अल्बर्ट हेमर्न आइंस्टीन है। अपने जीवनकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न देशों जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया और अमेरिका में भी अपना जीवन बिताया हैं।

इनके पास जर्मनी, बेल्जियम और अमेरिका की भी नागरिकता है।

अल्बर्ट आइंस्टीन के माता पिता

आइंस्टीन के मातापिता की बात करे तो वह भी एक यहूदी परिवार में आते हैं। आइंस्टीन के पिता एक इंजीनियर और सेल्समैन थे। इनकी माता एक ग्रहणी थी इन्होंने जर्मन, इटालियन और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त किया। अल्बर्ट आइंस्टीन कक्षा में हमेशा 1st आया करते थे।

अल्बर्ट आइंस्टीन का जीवन

वे जातिवाद विरोधी थे उन्होंने हमेशा जातिवाद तथा धार्मिकवाद को अलग रखा और इसकी वजह से किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती थी तो उसका विरोध भी किया करते थे। उन्होंने अपने जीवन काल में कई सारी भाषाओं का ज्ञान भी रखा और उनके बारे में अध्ययन भी किया है उन्होंने अपने विभिन्न भाषाओं के लेखों के माध्यम से लोगों तक अपना संदेश पहुंचाया है।

1880 में उनका परिवार म्यूनिख चला गया, जहां पर उनके पिता और चाचा ने एक कंपनी खोली, इस कंपनी में बिजली के उपकरण बनाए जाते थे एक समय यहां पर एक मेला लगा था। जिसमें इस कंपनी के माध्यम से बिजली का इंतजाम किया गया था, इनकी माता सारंगी बजाना भी जानती थी परंतु अल्बर्ट को संगीत में किसी प्रकार की रुचि नहीं थी।

अल्बर्ट आइंस्टीन का वैवाहिक जीवन

अल्बर्ट की बहुत ही कम आयु में ही शादी हो गई थी। अल्बर्ट की दो बार शादी हुई थी और उनके कोई भी बच्चे नहीं थे परंतु उन्होंने एक शिशु गोद लिया था जिसका नाम कदमनी मार्गेट थी।

अल्बर्ट आइंस्टीन की शिक्षा

जैसा कि हम सब जानते ही हो अल्बर्ट एक महान वैज्ञानिक थे, जिन्होंने अपने आविष्कारों के माध्यम से दुनिया भर में अपना नाम ऊंचा किया है। अल्बर्ट बचपन से ही बुद्धिमान विद्यार्थियों में आते थे, उनकी प्रारंभिक शिक्षा कैथोलिक प्राथमिक स्कूल में हुई। जब अल्बर्ट 10 वर्ष के थे, तब बिजली के उपकरणों का निर्माण शुरू कर दिया था।

उन्होंने डीटीएच और जूरिक विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की भौतिक और गणित के विषय को छोड़कर बाकी दूसरे विषयों में पर्याप्त अंक पाने में वे असफल हुए थे, अंत में उन्हें पॉलिटेक्निक के प्रधानाध्यापक की सलाह पर स्कूल बदलने का सुझाव दिया गया।

अपनी शिक्षा के चलते उन्होंने 7 साल की उम्र में ही जर्मनी छोड़ दिया। इस तरह से उनकी स्कूली शिक्षा से लेकर स्नातक तक की शिक्षा अच्छे शिक्षण संस्थाओं में हुई इसलिए उनकी रूचि के अनुसार आज वह दुनिया के प्रसिद्ध वैज्ञानिक बन गए।

1905 मीराबिलिस पेपर

यह उन चार लेखों से संबंधित है जिसे अल्बर्ट ने 1905 को कौन लडर फिजिक्स नाम के एक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित किया गया था। जिनमें बिजली के प्रभाव के बारे में बताया गया था। इसमें ब्राउनी गति के बारे में विशेष कर लिखा गया था यह चार लेख निम्नलिखित है:-

1. एक अनुमानित नजरिया उत्पादन और प्रकाश के परिवर्तन के संबंध पर
2. एक स्थिर तरल में निलंबित छोटे कणों की गति पर गर्मी की आणविक केनीटिक थ्योरी के लिए आवश्यक
3. आगे बढ़ती कणों कि बिजली के गतिमान पर
4. क्या एक शरीर की जड़ता अपनी उर्जा सामग्री पर निर्भर करती है

अल्बर्ट आइंस्टीन के आविष्कार

उन्होंने अपने जीवन में कई सारे आविष्कार किए है, जिसके लिए आज भी पूरी दुनिया उनका शुक्रगुजार करती है उनके निंलिखित आविष्कार है जो इस प्रकार हैं:-

प्रकाश की क्वांटम थ्योरी

इस बारे में उन्होंने बताया कि ऊर्जा की एक छोटी थैली की रचना की जिसे फोटोन कहा जाता है। जिसमें तरल की विशेषता होती है। इस बारे में उन्होंने कुछ धातुओं से इलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन को भी समझाया है। उन्होंने फोटो इलेक्ट्रॉनिक इफेक्ट की रचना की उसके बाद उन्होंने टीवी का भी आविष्कार किया जो एक शिल्प विज्ञान के माध्यम से चित्र को दर्शाती थी। अल्बर्ट ने द्रव्यमान और ऊर्जा के बीच एक समीकरण प्रमाणित किया था जिसे आज हम न्यूक्लियर ऊर्जा कहते हैं।

ब्राउनी गति

यह भी अल्बर्ट की सबसे बड़ी तथा सबसे अच्छी उपलब्धि में से एक है उन्होंने इस खोज के माध्यम से यह बताया कि परमाणु के निलंबन मेंजिगजैग मोमेंटहोता है। उन्होंने इस अध्ययन के माध्यम से अणुओं और परमाणुओं के अस्तित्व के बारे में बताया।

ऊष्मा गति और अस्थिरता

उन्होंने साल 1920 एक शोध पत्र जारी किया था विश्व में बताया गया था कि एक अणु एक स्थान से दूसरे स्थान में गति करता है यदि हम उसे ऊष्मा प्रदान करें, तो उसी के अनुसार वह अपनी अवस्था भी बदलता है यह अवस्था परमाणु के आकार पर निर्भर करती है।

अल्बर्ट आइंस्टीन के विचार

जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की।
● 2 चीजें अनंत है ब्रह्मांड और मनुष्य की मूर्खता और मैं ब्रह्मांड के बारे में दृढ़ता से नहीं कह सकता।
एक सफल व्यक्ति बनने का प्रयास मत करो बल्कि मूल्यों पर चलने वाले इंसान बने।
प्रत्येक इंसान जीनियस है लेकिन यदि आप किसी मछली को उसी पेड़ पर चढ़ने की योग्यता से जज करोगे तो वह अपनी पूरी जिंदगी यह सोच कर निकाल देगा कि वह मूर्ख है।
क्रोध मूर्खों की छाती में ही बसता है।
जब आप एक अच्छी लड़की के साथ बैठे हो तो एक घंटा 1 सेकंड के समान लगता है जब आप धड़कते अंगारे पर बैठे होते हैं तो 1 सेकंड, 1 घंटे के बराबर लगता है।
कोई भी समस्या चेतना के उसी स्तर पर रहकर नहीं हल की जा सकती है कि जिस पर वह उत्पन्न हुई है।
यदि मानव जीवन को जीवित रखना है तो हमें बिल्कुल नई सोच की आवश्यकता होगी।
इंसान को यह देखना चाहिए कि क्या है यह नहीं कि उसके अनुसार क्या होना चाहिए।
बीते हुए कल से सीखना आज मैं जीना कल के लिए आशा रखना सबसे महत्वपूर्ण चीज है।
प्रश्न पूछना बंद मत करो।
मूर्खता और बुद्धिमत्ता में यह फर्क है कि बुद्धिमत्ता की एक सीमा होती है।
जिंदगी एक तरह से साइकिल को चलाने के समान है।
समुद्री जहाज किनारों पर सबसे ज्यादा सुरक्षित है पर वह किनारों पर खड़े रहने के लिए नहीं बना है।

अल्बर्ट आइंस्टीन से संबंधित रोचक तथ्य

एक आयोजन के दौरान आइंस्टीन जब एक भाषण देने के लिए गए थे तब उनसे ड्राइवर ने कहा कि मैं आपके भाषण इतनी बार सुन चुका हूं कि अब मुझे आपके भाषण को लोगों के सामने सुनाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

उसकी बात सुनकर उन्होंने उससे कहा ठीक है आज तुम ही मेरी जगह भाषण दे देना, आइंस्टान ने ड्राइवर की पोशाक पहनकर उसका स्थान ले लिया और उस मंच पर भाषण देने के लिए ड्राइवर चला गया।

अल्बर्ट की तरह ही धुआंधार भाषण दिया जब भाषण खत्म हुआ तो ड्राइवर से भी लोगों ने प्रश्न पूछे और कुशल बात यह रही कि ड्राइवर ने सभी प्रश्नों का बड़ी ही आत्मविश्वास से जवाब दिया जब उनसे एक कठिन प्रश्न पूछा गया, तो ड्राइवर  उसका आंसर नहीं दे पाया।

और उन्होंने अपनी ड्राइवर वाली पोशाक में बैठे  अल्बर्ट के तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह प्रश्न तो बहुत ही आसान है इसका जवाब तो मेरा ड्राइवर ही दे देगा, इस तरह से अल्बर्ट आइंस्टीन ने उस पत्रकार भलीभांति तरीके से उत्तर दिया।

अल्बर्ट आइंस्टीन के सम्मान तथा पुरस्कारके तौर पर उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया गया। 1999 में उन्हें शताब्दी के महान पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया गया उन्हें कोप्ले पदक भी दिया गया, उनके नाम और भी महत्वपूर्ण पुरस्कार है।

आशा करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे। इस लेख का उद्देश्य अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनके जीवन के बारे में जाने और उनसे प्रेरणा ले और अपने जीवन को भी उन्हीं के तरह सार्थक और सफल बना सकें क्योंकि उनका जीवन बहुत ही ज्ञानवर्धक तथा आविष्कारों के जनक के रूप में विख्यात है।

उम्मीद है की अब आपको albert einstein inventions list in hindi, albert einstein ki khoj, Albert Einstein Biography In Hindi से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी। 

उम्मीद है की आपको अल्बर्ट आइंस्टीन जीवनी – Albert Einstein Biography In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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