Slogan on Corruption in Hindi (96+ भ्रष्टाचार पर नारे)


Slogan on Corruption in Hindi (96+ भ्रष्टाचार पर नारे) भ्रष्टाचार देश की प्रमुख और राष्ट्रीय स्तर की समस्या है, लोग खुद के कर्तव्यों को भूल कर अपने स्वार्थ के लिए भ्रष्टाचारी बन जाते हैं, स्वार्थो को पूरे करने में जुट जाते हैं। आज भी हमारे देश में भ्रष्टाचार की लहरें ज्यादा गहरी हैं और इन लहरों का अंत भी दूर तक देखने को नहीं मिलता है।

वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है जो सिर्फ खुद के स्वार्थ के लिए सार्वजनिक भूमि को हडपकर स्वयं का अधिकार जताने लगता है। आज एक सामान्य जनता की नजरों में कोई भी मंत्रालय तथा नेता ऐसा नहीं है जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगाए गए हैं। देश में हर नेता तथा मंत्रालयों में काम करने वाले कर्मचारी भ्रष्टाचार के बल पर अपने घर को सुख दिला देते हैं। 

परंतु एक सामान्य और गरीब वर्ग के लोग भ्रष्टाचार की इन कहानियों को पढ़ते रह जाते हैं। भ्रष्टाचार देश के लिए हर चरण से नुकसानदायक रहता है ,फिर भी लोगों द्वारा भ्रष्टाचार का जरिया अपनाया जाता हैैं। किसी भी राष्ट्र में जब तक ऐसी समस्याएं पनपती रहेंगी तब तक उस राष्ट्र के विकास  में बाधाएँ आती रहेंगी। तो चलिए Slogan on Corruption in Hindi के बारे में जानते है। 


भ्रष्टाचार हटाओ, देश बचाओ।

भ्रष्टाचार हटाओ, जीवन को आगे बढ़ाओ।

रिश्वत से आगे नहीं बढ़ना है, भ्रष्टाचार नहीं बढ़ाना है।

जिस देश में भ्रष्टाचार का स्थान कम नही रहता, उस देश के विकास में भिन्न प्रकार के अवरोध उत्पन्न होते रहते हैं।  खुद के राष्ट्र को सफल बनाने के लिए सबसे पहले भ्रष्टाचार को खत्म करने की आवश्यकता है। इसे समाप्त करने के बाद ही कोई देश उन्नति कर सकता है। भ्रष्टाचार के कारण लोगों के मन में असंतोष की भावना उत्पन्न होती तथा देश में लोगों का मनोबल टूट जाता हैं।

Slogan on Corruption in Hindi (96+ भ्रष्टाचार पर नारे)

50+ Anti Corruption Slogans In Hindi [भ्रष्टाचार विरोधीरे पर स्लोगन]

भ्रष्टाचार के कारण कई लोग अपने मत का उपयोग नहीं करते क्योंकि उनकी नजरों में प्रत्येक प्रतिनिधि भ्रष्टाचारी होता है। मनुष्य भले ही अपने जीवन में कितना कुछ प्राप्त करले परंतु उसे खुद पर विश्वास नहीं होता और ना ही कभी यह महसूस होता है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में धन दौलत है इस कारण लोगों के मन में लालच नियमित बना रहता है।

जिस कारण एक व्यक्ति उस वस्तु को भी हासिल करना चाहता है जिसे हासिल करने की उसकी योग्यता नहीं होती, परंतु वह उस वस्तु को पाने के लिए गलत मार्गों का चयन करता है जिस कारण भ्रष्टाचार उत्पन्न होता है। भ्रष्टाचार का कारण लोगों का स्वार्थ रहता है, लोग स्वार्थ के लिए भिन्न प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते हैं, खुद के लिए धन एकत्र करने की सोचते हैं। 

स्वार्थ के मामले में चाहे कोई व्यक्ति हो या पार्टी प्रत्येक के मन में हमेशा खुद के स्वार्थ के लिए विचार उठते रहते हैं जिस कारण लोगों के बीच सामाजिक मतभेद अपनी जगह बनाए रखते हैं। हमने  Anti Corruption Slogans In Hindi पर जितने भी स्लोगन लिखे है, वह Slogan on Corruption in Hindi है –

लालच ही है भ्रष्टाचार बढने का बढ़ा कारण।

बने हम एक अच्छा उदाहारण, भ्रष्टाचार का करें निवारण।

स्वच्छ समाज बनाना है, भ्रष्टाचार का नामो निशान मिटाना है।

देश के प्रति अपना सम्मान दिखाएं, भ्रष्टाचार रुपी इस राक्षस को दूर भगाएं।

आओ करें भ्रष्टाचार को दूर, बेहतर करें देश का निर्माण।

पूरे भारत की एक ही पुकार, मुक्त हो पूरा भारत भ्रष्टाचार।

भारत को विकास के पथ पर लाना है, भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है।

भारत तभी महान होगा जब भ्रष्टाचार दूर होगा।

भ्रष्टाचार हमें मिटाना हैं, देश को आगे बढ़ाना है।

अब सब में जागरूकता लाना है भ्रष्टाचार को दूर भगाना है।

भारत को स्वच्छ बनाने के साथ ही प्रदुषण और भ्रष्टाचार मुक्त बनाये।

अब हमने यह ठाना है भ्रष्टाचार को दूर भगाना है।

भ्रष्टाचार को न बढाओ, रिश्वत से अपना काम नहीं करवाओ।

जन-जन की एक ही पुकार, बंद करो अब भ्रष्टाचार।

कानून सख्त बनेगा तभी तो भ्रष्टाचार का नामो निशान मिटेगा।

देश की उन्नति बढ़ाये, देश को भ्रष्टाचार से बचाए।


भ्रष्टाचार हटाओ, देश बचाओ।

भ्रष्टाचार हटाओ, जीवन को आगे बढ़ाओ।

रिश्वत से आगे नहीं बढ़ना है, भ्रष्टाचार नहीं बढ़ाना है।

देश की दुर्गती ही भ्रष्टाचार का परिणाम है।

भ्रष्टाचार दूर करो, देश का बेहतर निर्माण करो।

भ्रष्टाचार को दूर भगाना है, भारत को विश्वगुरू बनाना है।

न रिश्वत लेंगे, न ही रिश्वत देंगे भ्रष्टाचार को जड़ से मिटायेंगे।

जब हम करेंगे भ्रष्टाचार का विरोध, तभी मिटेगा भ्रष्टाचार का ये रोग।

देश तभी आगे बढ़ेगा जब भ्रष्टाचार जड़ से मिटेगा।

भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है, काले  धन को वापस लाना है।

पैसा न तो दो और न ही लो, देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने में योगदान दो।

आओ सबको जगाये, भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाये।

भारत को तरक्की के पथ पर लाना है, भ्रष्टाचार को दूर भगाना है।

यह भ्रष्टाचार है देश के पतन का कारण, खत्म करने का करो निवारण।

लालच दूर होगा तभी भ्रष्टाचार दूर होगा।

हमें अभियान चलाना है, भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है।

रिश्वत लेना और देना पाप है ये ही भ्रष्टाचार की शुरुआत है।

भ्रष्टाचार को दूर भगाना है हर व्यक्ति को आगे आना है।

सख्त कानून बनाओ, भ्रष्टाचार का नामो निशान मिटाओ।

अपने खून पसीने की कमाई ना लुटाओ, भ्रष्टाचारियों को धूल चटाओ।

भ्रष्टाचार का परिणाम, देश की दुर्गति भ्रष्टाचार बंद करो।

देश की आवाम है परेशान, अब और नहीं सहेंगे भ्रष्टाचार।

देश के खोखले होते सुरक्षा तंत्र को बचाएं, भ्रष्टाचार को दूर भगाएं।

भ्रष्टाचार है गरीबी और लाचारी की आंधी बंद करो इसे नहीं तो होगी भयंकर बर्बादी।

पुरजोर विरोध करो, भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करो।

लालच ही है भ्रष्टाचार की पहली सीढी, इसे अब खत्म करो।

बहरी सरकार को जगाओ, सख्त कानून लाओ भ्रष्टाचार को मिटाओ, देश को बचाओ।

भ्रष्टाचार बंद करो, अब हमको इतना ना तंग करो।

भ्रष्टाचार पर पहला प्रहार, ना घुस ले ना दे।

भ्रष्टाचार के विविध क्षेत्र 

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार – भारत के लोगों को इस बात से सबसे ज्यादा आश्चर्य होता है कि यहां न्यायपालिका में भी न्याय की जगह भ्रष्टाचार चलता है। गांधी जी ने कई वर्ष पहले यह बात जाहिर कर दी थी कि यदि न्यायपालिका ना हो तो भारत में गरीबों को न्याय मिल सकता है। 

क्योंकि न्यायपालिका में सिर्फ उन्हीं लोगों को न्याय मिल पाता है जिनके पास ज्यादा से ज्यादा धन सम्पति हो, न्यायपालिका में अच्छे खासे वकीलों को खरीदने के लिए सिर्फ पैसों की जरूरत पड़ती है यहां पर भ्रष्टाचार सबसे ज्यादा देखा जाता है यही कारण है कि न्यायपालिका में निर्दोष लोगों को भी दोषी साबित कर दिया जाता है।

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार देखा जाता है यह एक आम बात है जब समाज में किसी व्यक्ति के ऊपर अदालती निर्णय आते हैं तो लोगों के मन में सबसे पहले यही बात आती है कि विपक्ष के लोगों ने जरूर पैसों का इस्तेमाल किया होगा जिस कारण निर्णय मेरे पक्ष में नहीं रहा।

पदों को लेकर व्याप्त भ्रष्टाचार – भारत की सेना भले ही विश्व की प्रसिद्ध सेनाओं में से एक रही है। इसने प्रतिवर्ष अपने जज्बे का कौशल लोगों के सामने रखा और यही माना जाता है कि भारत की सेना सबसे विश्वसनीय सेना में से एक है तथा भारत की सेना ने उन युद्दों को भी सिर्फ अपनी प्रतिभा और शक्ति के बल पर जीता जिन युद्धो के लिए विश्व के अन्य देशों ने विभिन्न प्रकार के उपकरणों का उपयोग किया।

लेकिन बीते कुछ वर्षों से भारतीय सेना में भी विभिन्न प्रकार के भ्रष्टाचार के सवाल लोगों के सामने उठ रहे हैं। न जाने देश की सेना द्वारा ऐसे कार्य क्यों किए जाते हैं, भ्रष्टाचार की बहुत सारी घटनाएं भारतीय सेना ने अपने नाम के पीछे लगा दी हैं, भ्रष्टाचारियों का मुख्य कारण सेना के बड़े अधिकारी रहे हैं।

संचार माध्यमों का भ्रष्टाचार – राजनीतिक भ्रष्टाचार पर किए गए प्रत्येक शोध इस बात पर इशारा करते हैं कि यदि हम संचार के माध्यमों का सफलतापूर्वक तथा सही ढंग से उपयोग करें तो अवश्य ही इससे हमारी देश के विकास में सफलता मिल सकती हैं ।

1955 में  अखबार के मालिकों द्वारा भ्रष्टाचार के प्रत्येक मुददे को संसद में पेश किया जाता था। परंतु वर्तमान समय में भ्रष्टाचार इतने हद तक बढ़ गया है कि आज हर मीडिया प्रभारी संसद में बैठते नजर आते हैं।

अर्थात इसका मतलब यह है कि भ्रष्ट नेता तथा भ्रष्ट मीडिया प्रभारी मिलकर गलत कामों को अंजाम दे रहे हैं। जिस कारण आज प्रत्येक पत्रकार करोड़पति बन चुके हैं ।इसका मुख्य कारण सिर्फ भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को जागृत करके लोगों के मन में गलत भावनाओं को फैलाना है ।

चुनाव सम्बन्धी भ्रष्टाचार – चुनाव के संबंध में अत्याचार सबसे ज्यादा मात्रा में देखने को मिलते हैं चुनाव संबंधी आचार संहिता का लोगों द्वारा बार-बार उल्लंघन किया जाता है, साथ ही लोगों द्वारा बूथ लूटना, लोगों को प्रत्यक्ष रूप से मत देने से रोकना, तथा चुनाव के समय अपनी पार्टी में आने के लिए शराब जैसे नशीले साधनों का उपयोग करना।

चुनाव के वक्त लोगों द्वारा अंधाधुंध पैसा खर्च किया जाता है ताकि लोग उनकी पार्टी में शामिल हो सकें साथ ही विपक्षी दल के झंडे पोस्टर इत्यादि को उखाड़ कर फेंक देना इनका मकसद रहता है। उन सभी वादों पर झूठा उतरना तथा नई योजनाओं का पैसा हड़प जाना इनका लक्ष्य रहता है।


शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार – कहा जाता है कि शिक्षा ही विकास की जननी है, इसके बिना विकास की कोई कल्पना नहीं कर सकता और ना ही कोई देश उन्नति कर सकता है लेकिन वर्तमान समय में भ्रष्टाचार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना राज बना कर रख दिया है।

आज स्कूलों तथा कॉलेजों में बच्चों की योग्यताएं नहीं बल्कि उनके पास उपस्थित पैसे के कारण उन्हें कॉलेजों में प्रवेश दिया जाता है पैसों के बल पर ही उन्हें अच्छे अंक दिए जाते हैं कोई भी विद्यार्थी अपनी सही योग्यता के अनुसार कभी अच्छे अंक नहीं ला पाता।

उम्मीद है की आपको Slogan on Corruption in Hindi (96+ भ्रष्टाचार पर नारे) से जुड़ी सभी जानकारी मिल चुकी होगी।


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