ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जीवनी – APJ Abdul Kalam Biography In Hindi

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दोस्तों आज इस पोस्ट में हम आपके साथ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी से जुड़ी पूरी जानकारी share करिंगे, जैसे की apj abdul kalam full name, apj abdul kalam ki kahani, apj abdul kalam childhood information in hindi, 10 lines on apj abdul kalam, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जीवनी – APJ Abdul Kalam Biography In Hindi!

प्राचीन काल से ही भारत की धरती में अनेक महापुरुष पैदा हुए हैं उनमें से ही एक हैं भारत के डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम इस लेख में हम आपके साथ उनकी बायोग्राफी (APJ Abdul Kalam Biography In Hindi) सांझा कर रहे हैं।

APJ Abdul Kalam यह एक ऐसा नाम है जिसके बारे में इंडिया का बच्चा बच्चा जानता है शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे इनके नाम के बारे में पता न हो। ये नाम अपने आप में एक मिसाल है या यूं कहे कि जीता जागता कामयाबी का उदाहरण हैं। ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के बारे में जितना भी कहो उतना कम ही पड़ता है।


इनका जीवन नहीं एक प्रेरणादायक कहानी है, उनका जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा से भरा हुआ है जो लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी भी हद से गुजर जाने का ज़ज़्बा रखते हैं डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी का जीवन लोगों को कभी हार ना मानने का संदेश देता है।

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जीवनी – APJ Abdul Kalam Biography In Hindi

डॉ ए. पी. जे अब्दुल कलाम जी भारत के एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और गणतंत्र भारत के 11 राष्ट्रपति थे, इतना ही नहीं वह एक जाने-माने इंजीनियर भी थे। लोग इन्हें प्यार से “जनता के राष्ट्रपति” के नाम से भी पुकारते हैं। अपने कार्यों के कारण अब्दुल कलाम जी को कई नामों से पुकारा जाता है और इन सभी नामों में अधिकतर लोग इन्हें प्यार से भारत के “मिसाइल मैन” के नाम से पुकारते हैं।

पर इन सभी चीजों से ज्यादा लोग इन्हें एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक, इंजीनियर और विज्ञान के व्यवस्थापक या यूं कहे के लोगों में विज्ञान के प्रति चेतना भरने का काम इन्होंने ही किया था। भारत में ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने विज्ञान के विषय में लोगों की विचारधारा को बदल दिया साथ ही लोगो को विज्ञान का एक नया स्वरूप दिखाया।

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत का मिसाइल मैन क्यों कहा जाता है?

अब्दुल कलाम जी ने अपने जीवन के चार दशक तक भारत के रक्षा अनुसंधान व विकास अनुसंधान(DRDO), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए काम कर अपने जीवन को सार्थक बनाया इतना ही नहीं वे अपने अंतिम समय तक भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम या सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में जुड़े हुए थे।

बैलेस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के विकास के कार्यों में लगे रहने के कारण तथा अपने कैरियर के दौरान पांच इंडियन मिसाइल जैसे पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश व नाग को लॉन्च किया था यही कारण हैं कि उन्हें “भारत का मिसाइल मैन” कहा जाता है।

APJ अब्दुल कलाम का आरंभिक जीवन:

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। इनका जन्म तमिलनाडु रामेश्वर के एक छोटे से गांव के मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता पेशे से एक नाविक थे, उनका नाम जैनुलअबिदीन था  और उनकी माता एक गृहिणी थीं, जिनका नाम अशिअम्मा था।

उनके परिवार में कुल 7 लोग थे। माता पिता के साथ साथ वह अपने चार भाई बहन के साथ रहते थे जिनमें तीन भाई और एक बड़ी बहन थी। अब्दुल कलाम जी के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी यही कारण है कि कलाम को बचपन में ही परिवार का मदद करने के लिए काम करना पड़ा। कलाम ने अपने स्कूल के दिनों से ही काम करना शुरू कर दिया था वह स्कूल के बाद समाचार पत्र वितरण का कार्य करते थे।

APJ अब्दुल कलाम की शिक्षा:

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामनाथपुरम स्च्वार्त्ज़ मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की थी। अपने स्कूल के दिनों में कलाम पढ़ाई लिखाई में कुछ खास विद्वान नहीं थे। बल्कि वे तो सामान्य विद्यार्थी थे पर नई चीजें सीखने की इच्छा ने उन्हें एक नए मुकाम पर पहुंचाया। वे सीखने के लिए तत्पर रहते थे इसीलिए वे अपना अधिकतर समय पढ़ाई में ही लगाते हैं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी कर कलाम ने तिरूचिरापल्ली के सेंट जोसेफ्स कॉलेज में दाख़िला लिया जहां से उन्होंने भौतिक विज्ञान की पढ़ाई कर 1954 में स्नातक किया। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण करने के लिए वे 1955 में वे मद्रास चले गए। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कलाम ने मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से 1960 में पूरी की।

APJ अब्दुल कलाम साइंटिस्ट करियर:

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद कलाम ने 1960 में DRDO (रक्षा अनुसंधान व विकास अनुसंधान) में एक वैज्ञानिक के रूप में भर्ती हुए। शुरुआती दौर में उन्होंने DRDO में एक छोटा होवरक्राफ्ट डिज़ाइन करके अपने करियर की शुरुआत की साथ ही उन्होंने भारतीय सेना के लिए एक छोटा सा हेलीकॉप्टर भी बनाया। 1965 में उन्होंने DRDO में स्वतंत्र रूप से विस्तार योग्य रॉकेट परियोजना पर काम किया ये सब काम करने के बावजूद भी कलाम अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे।

इसीलिए वे 1972 में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में काम करने के लिए गए। ISRO में अब्दुल कलाम ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (एस.एल.वी. तृतीय) प्रक्षेपास्त्र बनाया। इसके बाद कलाम ने 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्ष के निकट स्थापित किया। इस उपलब्धि के कारण भारत भी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया।

कलाम ने भारत का पहला स्वदेशी लक्ष्य भेदी गाइडेड मिसाइल को डिज़ाइन किया जिसका नाम SLV-III हैं। इतना ही नहीं इन्होंने अग्नि एवं पृथ्वी जैसे मिसाइल को भी स्वदेशी तकनीक से बनाया था।

कलाम ने परमाणु परीक्षण भी परमाणु ऊर्जा के साथ किया जिसके कारण भारत को हथियार के निर्माण की क्षमता प्राप्त करने में सफलता प्राप्त करने में सफलता मिली। गाइडेड मिसाइल में अपना पूरा ध्यान देने के लिए कलाम DRDO में वापस निर्देश के रूप में लौटे और उनके निर्देशन में अग्नि मिसाइल और प्रथ्वी मिसाइल का परीक्षण सफल रहा।

इसके बाद कलाम जुलाई 1992 में भारतीय रक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त हुए। कलाम ने भारत को विज्ञान के स्तर पर अधिक विकास करने के लिए 2020 तक के लिए अपने अनमोल विचार प्रदान की।

APJ अब्दुल कलाम के धार्मिक और आध्यात्मिक विचार:

यहां तक पढ़ने के बाद आप समझ ही गए होंगे कि अब्दुल कलाम कितने महान विचारों के व्यक्ति थे इनके विचारों का ही परिणाम है कि व3 हर मुश्किलों के बाद भी अपने सपने को पूरा कर सकें चलिए आज उनके कुछ विचार आप के सामने पेश करते हैं –

“जीवन में हमे सुख का अनुभव तभी ही प्राप्त होता है, जब इन सुखों को प्राप्त करने के लिए हमने अनेक मुश्किलों का सामना किया हो.”

“जीवन में दुख तो सभी के आते हैं, पर यह दुख केवल लोगों के धैर्य की परीक्षा लेते हैं.”

“हमारे अच्छे विचार ही असल में हमारा धन हैं और इन विचारों पर चलने की हिम्मत दिखाना हमारा रास्ता बनाता है और अंतिम प्रयास ही आखिरी समाधान होता हैं”

“अगर आप सोचते हैं कि आप अकेले हैं एक बार आसमान की तरफ देखिए आप अकेले नहीं पूरा ब्रह्मांड आपके साथ देने के लिए तैयार हैं सिर्फ आपको कड़ी मेहनत करने की जरूरत है.”

“जीवन में सफलता का आनंद तभी मिलता है, जब यह सफलता बड़ी मुश्किल व कड़ी मेहनत से प्राप्त की गई हो.”

“समाज को केवल तीन ही लोग भ्रष्टाचार मुक्त बना सकते है – माता , पिता और गुरु.”

“चेहरे से खूबसूरत होना बड़ी बात नहीं है, खूबसूरती तो दिल से देखी जाती हैं क्योंकि किसी की मदद सिर्फ वही इंसान कर सकता है जिसका दिल खूबसूरत हो.”

APJ अब्दुल कलाम का निजी जीवन:

कलाम का जीवन अनुशासन से पूर्ण था। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने अपने जीवन में कभी शादी नहीं की। कलाम ने अपना जीवन देश को उन्नत बनाने में लगा दिया। ऐसा माना जाता है कि कलाम कुरान और भगवत गीता दोनों का ही अध्ययन करते थे, इतना ही नहीं वे तिरुक्कुरल का भी अनुसरण करते हैं। उनके भाषणों में हमे गीता, कुरान का ज्ञान और कुरल की छाप देखने को मिलती हैं। भारत को ऊंचाइयों तक पहुंचाना उनका एकमात्र उद्देश्य था वे हमेशा चाहते थे कि भारत दुनिया में एक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।


युवाओं को प्रेरणा देने के लिए उन्होंने कई प्रेरणा प्रदान करने वाली पुस्तकें भी लिखें। बच्चे और युवा पीढ़ी के लिए ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अत्यन्त लोकप्रिय थे। वे सम्पूर्ण जीवन शाकाहारी रहे और उनका पूरा जीवन अनुशासन का जीता जाता मिसाल है।


APJ अब्दुल कलाम को अवॉर्ड तथा सम्मान

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी ने अपने जीवन में ऐसे अनेक कार्य किए हैं जिनके कारण उन्हें अलग अलग प्रकार के अवॉर्ड से सराहा गया। कलाम के द्वारा किए गए कार्यों ने उन्हें लोगों के द्वारा इतना सम्मान का पात्र बनाया। कलाम के जन्मदिन को विश्व विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता हैं इसकी शुरुआत कलाम के 79 वें जन्मदिन को संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाकर की गई। भरा सरकार द्वारा कलाम को दो बार पद्मा विभूषण का अवार्ड भी मिला था यह अवार्ड उन्हें ISRO और DRDO में कार्यों के दौरान वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिये तथा भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में कार्य हेतु प्रदान किया गया था।

कलाम को पहला पद्मा भूषण अवार्ड 1981 में दिया गया था और दूसरा पद्मा विभूषण अवॉर्ड 1990 में दिया गया था उनके वैज्ञानिक अनुसंधानों और भारत में तकनीक के विकास में अभूतपूर्व योगदान हेतु 1997 में कलाम साहब को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया था।

2005 को स्विटज़रलैंड की सरकार ने ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सम्मान में 26 मई को विज्ञान दिवस घोषित किया। वर्ष 2013 में अंतरिक्ष विज्ञान संबंधित परियोजनाओं के कुशल संचालन करने के लिए और प्रबंधन के लिये कलाम को वान ब्राउन अवार्ड से पुरस्कृत किया गया था।

15 अक्टूबर, 2015 को डॉ. कलाम  के जन्म की 84वीं वर्षगांठ पर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नई दिल्ली में DRDO भवन में डॉ. कलाम की याद में डाक टिकट जारी किया।

APJ अब्दुल कलाम का राजनैतिक करियर

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी केवल एक वैज्ञानिक  व इंजीनियर ही नहीं थे। उन्हें साल 2002 में भारत के राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया इस चुनाव में उन्हें लगभग 922,884 वोट मिले थे और उन्होंने अपने प्रतिस्पर्धी लक्ष्मी सहगल को भारी अंतर से पराजित किया और 25 जुलाई 2002 को भारत के 11 राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त हुए एपीजे अब्दुल कलाम ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्होंने राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत का सबसे सम्मानित अवार्ड भारत रत्न प्राप्त किया। उनसे पहले 1954 में राधाकृष्णन को और 1963 में डॉ जाकिर हुसैन को भी राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को पिपुल प्रेसिडेंट और यूं कहे कि “जनता के राष्ट्रपति” के नाम से भी जानते हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने 5 साल के कार्यकाल में भारत को एक उन्नत राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने के लिए जुटे रहे। भारत को उन्नत राष्ट्र बनाने के लिए ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फिर से राष्ट्रपति बनने का चुनाव लड़ना चाहते थे। साल 2007 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना पड़ा।

APJ अब्दुल कलाम की मृत्यु

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी जब  27 जुलाई 2015 को IIM शिलॉन्ग में एक व्याख्यान दे रहे थे उसी समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई। कलाम की खराब स्थिति के कारण उन्हें बेथानी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। जहां बाद में कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हो गई. उन्होंने श्रीजन पाल सिंह  से अपने अंतिम शब्द कहे कि “Funny guy! Are you doing well?”

कलाम की मृत्यु के पश्चात 30 जुलाई 2015 को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का अंतिम संस्कार उनका जन्मस्थल रामेशवरम में हुआ था। कलाम जी के अंतिम संस्कार में 350,000 लोग शामिल हुए थे। जिसमें मुख्य रूप से भारत के प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के राज्यपाल और कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल थे।

APJ अब्दुल कलाम के द्वारा लिखित पुस्तक

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने अपने विचारों को एक लिखित रूप दिया उन्होंने कई तरह के पुस्तक लिखी जो युवाओं के लिए एक मार्गदर्शन है उनकी रचनाएं सारी प्रेरणा से भरी हुई है ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी द्वारा रचित कुछ महान पुस्तकों के नाम हम आपको नीचे बताने वाले हैं :

  • विंग्स ऑफ फायर: एन ऑटोबायोग्राफी (Wings of Fire: An Autobiography) (1999)
  • इंडिया 2020: ए विजन फॉर द न्यू मिलेनियम (India 2020: A Vision for the New Millennium) (1998)
  • इन्स्पायरिंग थॉट्स: कोटेशन सीरिज (Inspiring Thoughts: Quotation Series) (2007)
  • टर्निंग पॉइंट्स: ए जर्नी थ्रू चैलेंजेस (Turning Points: A Journey Through Challenges) (2012)
  • द फैमिली एंड द नेशन (The Family and the Nation) (सह-लेखक: आचार्य महाप्रज्ञा) (2015)

मुझे आशा है कि आपको आर्टिकल पसंद आया होगा और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के नाम और उनके जीवन को अच्छे से समझ सके होंगे।

उम्मीद है की अब आपको apj abdul kalam full name, apj abdul kalam ki kahani, apj abdul kalam childhood information in hindi, 10 lines on apj abdul kalam, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जीवनी – APJ Abdul Kalam Biography In Hindi! से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी।


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