बच्चों की कहानियां ! (Popular*) Hindi Stories for Kids

बच्चों की कहानियां ! (Popular*) Hindi Stories for Kids! नमस्कार दोस्तों, हमारे वेबसाइट के एक और मैं कहानी के आर्टिकल पर आप सभी लोगों का स्वागत है। हर एक बच्चे के जीवन में कहानियों का भूमि का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है इस वजह से आज हम इस आर्टिकल पर आप लोगों को Best Kids/Baby Stories In Hindi के बारे में बताएंगे।

केबल बड़े लोगों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी कहानियां पढ़ना और देखना पसंद है अगर आप भी कहानियां पढ़ने के शौकीन है तब आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं,

क्योंकि आज हम इस आर्टिकल पर आप लोगों को बच्चों की कहानियां के बारे में बताएंगे जो बच्चों को जरूर पसंद आएगा और उनको कहानियां की मदद से कुछ सीख भी मिलेगा।

बच्चों की कहानियां (Hindi Stories for Kids)

बच्चों की कहानियां ! (Popular*) Hindi Stories for Kids

आज के इस कहानी के आर्टिकल पर हम लोग आप लोगो को जो 5 बेस्ट बच्चों की कहानियां (Hindi Stories for Kids) के बारे में बताइए वह है – 

1) झूठा तोता की कहानी

एक छोटे से जंगल में बबलू नाम का तोता था। तोता खुद को सबसे ज्यादा सुंदर और अलग पक्षी साबित करना चाहता था इस वजह से वह सभी को यह बताता था कि वह रोज अच्छा अच्छा खाना खाता है और वह जंगल के राजा शेर का अच्छा मित्र है।

जब बबलू नाम का तोता सभी पक्षी और जानवरों से कहता था कि वह सबसे अलग है तब बहुत सारे जानवर और पक्षी बबलू का झूठा बात को विश्वास कर लेते थे परंतु जंगल के कुछ कौवा और पशु तोता को बिल्कुल विश्वास नहीं करते थे परंतु बबलू कभी भी सच नहीं बताता था बल्कि हर वक्त झूठ ही बोलता था।

1 दिन जंगल में कुछ कारण के वजह आग लग गया था इस वजह से खाने का कमी जंगल में दिखाई दिया गया था तभी दूसरे जंगल से एक हाथी सभी पक्षियों के लिए खाना ले आया था परंतु उस वक्त तोता सभी से कह रहा था कि वह मुश्किल के वक्त में भी खाना खा पा रहा है।

क्योंकि तोता मुश्किल के वक्त में भी झूठ बोल रहा था कि वह खाना खा पा रहा है इस वजह से जंगल के किसी भी जानवर ने तोता को खाने में कुछ नहीं दिया और धीरे-धीरे तोता का तबीयत बिगड़ गया बाद में तोता ने सभी से सच कहा।और इस कहानी से हमें यह सीख मिलता है कि कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि झूठ हमेशा सामने आ जाता है।

2) चूहा और बाघ की दोस्ती की कहानी

जंगल में विनोद नाम का एक बहुत ही खूंखार बाघ रहा करता था बाघ एक दिन एक पक्षी का शिकार कर रहा था तभी उसके सामने से एक चूहा गुजर रहा था बाघ ने चूहा को देखकर उसका शिकार करने का सोचा और अपने नुकीला हाथों से चूहा को पकड़ लिया।

तब चूहा ने बाघ से कहा कि मेरा आकर बहुत ही छोटा है यदि आप मुझे खाओगे तो आपका पेट नहीं भरेगा तब बाघ ने चूहा का बात को सुना और उसे ना खाने का मैंने लिया कुछ देर बाद चूहा और बाघ में दोस्ती हो गया और वह दोनों बहुत बात करने लगे।

कुछ दिन बाद एक शिकारी के जाल में बाघ फस गया और तभी चूहा बाघ को देखता है और अपने नुकीले दांतों से शिकारी का जाल को काट देता है कुछ देर बाद बाघ शिकारी के जाल से बच जाता है और सोचता है कि कभी किसी का मदद करने से मदद भी मिलता है।

3) गुस्सैल बच्चा की दोस्ती की कहानी 

परम नाम का एक बहुत ही गुस्सेल बच्चा था जो छोटे-छोटे बातों पर गुस्सा हो जाता था और वह केवल अपने उम्र के दोस्तों के साथ ही झगड़ा नहीं करता था बल्कि बर और बुजुर्ग के साथ भी झगड़ा करता था जो कि एक बहुत ही गंदा स्वभाव था।

1 दिन परम के बड़े भाई पिंटू को उसके इस बुरा बर्ताव के बारे में पता चला तब उसके भाई ने परम को बुलाया परम सोच रहा था कि उसका बड़ा भाई उसे बहुत दाटेगा परंतु परम के बड़े भैया ने परम को बिल्कुल भी नहीं जाता और उसे एक बक्सा गिफ्ट दिया।

बक्से को देखकर परम चौक गया बक्से में बहुत सारा किल रखा हुआ था उसका भैया ने उसे कहा कि जब भी तुम्हें गुस्सा आएगा तुम एक कील को दीवारों में ठोक देना पर हम बड़े भैया का बात सुनकर दो-तीन दिन वैसा ही करना शुरु कर दिया कुछ दिन बाद उसने देखा कि पूरा दीवार ही किलो से भर गया है यह देखकर परम को अहसास हुआ कि वह कितना गुस्सा करता है।

परम बड़े भैया के पास गया और कहा कि मैं समझ गया कि मैं इतना गुस्सा करता हूं उसके भैया ने उसे कहा कि आब तुम यह करो कि जब भी तुम्हें गुस्सा ना आए तब तुम दीवारों से एक एक किल को निकाल लेना। 10 दिन हो गया परम अपने भैया को बुलाया और दीवारों के पास ले गया और कहा कि मैंने सभी किलो को दीवारों से निकाल लिया है।आप के वजह से ही मैंने गुस्सा को मेरे अंदर से हटा पाया है।

4) कबूतर और चींटी की कहानी 

एक सुंदर कबूतर नदी के पास एक पेड़ पर बैठा था वह नदी के सुंदरता को देख रहा था तभी उसका नजर एक छोटा सा चींटी के ऊपर पड़ता है जो जोर जोर से चीख रहा था मुझे बचाओ करके वह नदी के पानी में गिर गया था कबूतर ने चींटी के सामने एक पत्ता फेंका।

चींटी पत्ते के ऊपर बैठ गया और कबूतर ने अपनी चोट से बच्चे को मोदी के बाहर ले आया।चींटी को कबूतर ने बचा लिया था इस वजह से चींटी ने कबूतर को बहुत ही प्यार से धन्यवाद कहा था।कुछ समय बाद चींटी और कबूतर के बीच अच्छा दोस्ती होगया था।

एक दिन कबूतर एक पेड़ के ऊपर बैठा था तभी चींटी पढ़ के रास्ते से गुजर रहा था तभी वह देखता है कि एक शिकारी कबूतर का शिकार कर रहा है तभी वह चींटी शिकारी के पढ़ को जोर से काट लेता है और शिकारी जोड़ जोड़ से चीखने लग जाता है और तभी वह कबूतर पढ़ से भाग जाता है और चींटी और कबूतर में दोस्ती और बढ़ जाता है।

5) सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी 

एक छोटे से गांव में बबलू नाम का आदमी रहा करता था एक दिन बबलू जंगल के रास्ते से घर जा रहा था।बबलू का कोई भी कमाई नहीं हुआ था तभी बबलू का नजर एक अद्भुत मुर्गी के तरफ पढ़ता है मुर्गी कोई आम मुर्गी नहीं था वह सोने का अंडा देने वालीं मुर्गी था।

सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को बबलू आपने घर ले आया था मुर्गी को घर ले आने के बाद बबलू का लालच बोहोत बढ़ गया बबलू ने सोचा कि यह मुर्गी दिन में एक बार ही सोने का अंडा देता है यदि इसे मार दे तो शायद और सोने का अंडा मिल जाए।

लालच में आकर बबलू ने मुर्गी को मार दिया परंतु बबलू को कोई भी सोने का अंडा नहीं मिला और तब वह समझ गया कि कभी लालच नहीं करना चाहिए क्योंकि लालच का फाल कभी भी अच्छा नहीं होता है जो लालच करते है उसको उसका फाल जरूर मिलता है।

आशा करता हूं कि आप सभी को baccho ki kahaniya | बच्चों की कहानियां यह पोस्ट बहुत पसंद आया होगा। यदि आप और मजेदार और दिल जीत लेने वाले Latest Baby/Kids Stories In Hindi आर्टिकल पढ़ना चाहते हैं तब नीचे कमेंट कर दीजिएगा।

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