बाल दिवस पर भाषण – Children’s Day Speech in Hindi


दोस्तों अगर आप अपने स्कूल, कॉलेज या फिर कही पर भी बाल दिवस पर भाषण देना चाहते हो तो आजका यह पोस्ट आपके लिए काफ़ी हेल्पफ़ुल हो सकता है, क्यूकी आज इस पोस्ट में हम आपके साथ short & long Children’s Day speech, Children’s Day speech for teachers, all about Children’s Day, बाल दिवस पर भाषण – Children’s Day Speech in Hindi. Share करिंगे।

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी को बच्चे प्यार से चाचा नेहरू के नाम से भी बुलाते थे! बच्चों के चहेते चाचा नेहरू का जन्मदिन 9 नवम्बर को है इस दिन को भारत में Children Day (बाल दिवस) के रूप में मनाया जाता है।

बच्चों द्वारा हर्षोल्लास के साथ बाल दिवस मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न, स्कूलों, कॉलेज में अनेक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं! प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी चिल्ड्रंस डे मनाया जा रहा है और इस अवसर पर यदि आपको बाल दिवस पर भाषण के लिए स्टेज पर आमंत्रित किया गया है।



तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बाल दिवस के मौके पर एक सुनियोजित स्पीच तैयार करने हेतु आपके लिए इस लेख बाल दिवस के विषय पर कुछ भाषण (Children’s Day Speech in Hindi) शेयर किए गए है। आशा है इन भाषणों की सहायता से आप एक अच्छी Speech स्टेज से सुनाने में कामयाब हो पाएंगे.

बाल दिवस पर भाषण – Children’s Day Speech in Hindi

भाषण 1 (Long Speech On Children’s Day In Hindi)

आदरणीय अध्यापक गण एवं यहां उपस्थित सभी प्रिय छात्रों को सुप्रभात आज हम यहां बाल दिवस मनाने के लिए मौजूद हैं। इस अवसर पर मैं शिक्षकों का आभार व्यक्त करूंगा जिन्होंने मुझे बाल दिवस पर अपने विचारों को व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।

बाल दिवस बच्चों को समर्पित एक राष्ट्रीय त्यौहार है। जिसे चाचा नेहरू की जन्म तिथि के अवसर पर 14 नवंबर को मनाया जाता है। भारत की आजादी में पंडित जवाहरलाल नेहरू का योगदान सदा स्मरणीय रहेगा। वे स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ एक महान स्वतंत्रता सेनानी भी थे।

जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए कई राष्ट्रीय आंदोलनों में बढ़ चढ़कर भाग लिया। देश की आजादी की लड़ाई में कई बार वे जेल भी गए! वर्ष 1947 में जब हमारा देश आजाद हुआ तो पंडित नेहरू को देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया और देश की जनता की सेवा का कार्यभार सौंप दिया गया।

पंडित नेहरू न सिर्फ एक शिक्षित राजनेता, सलाहकार होने के साथ-साथ बाल प्रेमी थे! जो बच्चों से काफी स्नेह करते थे उनका मानना था कि बच्चे किसी भी राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं, किसी भी देश के विकास की नींव में बच्चे एक स्तंभ होते हैं। उनका मानना था यदि राष्ट्र के सभी बच्चे यदि शिक्षित हो जाएं तो भारत को एक बार फिर से विश्व गुरु बना सकते हैं बच्चों से अधिक लगाव होने की वजह से बच्चे उन्हें प्यार से  चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे!

चाचा नेहरू सदैव बच्चों को देश का भविष्य कहकर उन्हें  अच्छे कार्य करने एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते थे! विशेषकर ऐसे बच्चे जिनके पास पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे! उन्हें शिक्षित करने के लिए उनकी के हर संभव मदद एवं उन्हें प्रेरित करते थे। आजादी के दौरान देश में व्याप्त चाइल्ड लेबर से वे काफी दुखी एवं क्रोधित और वे इसे हर हाल में रोकना चाहते थे।

उनका मानना था कि देश का असली भविष्य इन कारखानों में नहीं बल्कि विद्यालयों में है। जहां पर वे अपने भविष्य का सही निर्माण कर सकते हैं तथा से अभिभावकों एवं बड़ों को भी यह सलाह देते थे कि बच्चों की शिक्षा के लिए सभी को हर संभव प्रयास करना चाहिए। ताकि भविष्य में वे एक योग्य नागरिक बनकर स्वयं के, राष्ट्र के हित में कार्य कर सकें।

बच्चे एक गीली मिट्टी की तरह होते हैं, जिन्हें जिस आकार में ढालों उसी में ढल जाते हैं। इसलिए बच्चों का भविष्य निर्माण करने हेतु बचपन से ही उन्हें यदि शिक्षा की ओर अग्रसर ना किया जाए उन्हें शिक्षा का महत्व ना बताया जाए तो उनका भविष्य अंधकार मय हो जाता है।

एक राजनेता एवं उच्च प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के बावजूद भी चाचा नेहरू का इस कदर बच्चों के प्रति लगाव उनके कोमल स्वभाव को दर्शाता था। वह   सिर्फ खुद के बच्चों को बल्कि राष्ट्र के बच्चों को अपना समझते थे।बच्चों के अंदर राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने क्षमता होती है यह कहते हुए चाचा नेहरू ने हमेशा अपना जीवन भारत के लिए एवं बच्चों के साथ अपना काफी कीमती वक्त गुजारा।

असल में बाल दिवस न सिर्फ बच्चों के प्रति उनके स्नेह को दर्शाता है। बल्कि यह उनके द्वारा आजादी के पश्चात भारत में बच्चों के लिए बनाए गए अधिकारों जिनमें से बाल श्रम तथा अन्य अधिकार को भी उजागर करता है। नेहरू जी का कहना था बच्चों के रहन-सहन हेतु स्वच्छ कपड़े, भोजन एवं स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए ताकि उन्हें एक स्वास्थ्यवर्धक जीवन जीने का पूरा हक मिल सके।

शिक्षा सभी का अधिकार है इस कथन को सत्य ठहराते हुए सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा मिलनी चाहिए। आज भी कई बच्चे शिक्षा से दुर्लभ है और एक नागरिक होने के नाते राष्ट्र में यदि कोई भी बच्चा शिक्षित है तो हमें जिम्मेदारी से उनकी शिक्षा पूर्ण करवाने हेतु उनकी मदद कर बच्चों की शिक्षा में अपना योगदान देना चाहिए।

बच्चों का उनके परिवार एवं अभिभावकों द्वारा उचित ख्याल रखना चाहिए साथ ही कभी भी उन्हें नकारात्मक बातें करके उनके आत्मविश्वास को कम नहीं करना चाहिए। बीमार बच्चों का उचित ख्याल रखना चाहिए। कमजोर या विकलांग बच्चे खुद की कमियों एवम कमजोरियों पर ध्यान ना दे सके इसके लिए उन्हें सदा प्रेरित कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए। चाचा नेहरू की याद में मनाया जाने वाला यह दिवस बच्चों को समर्पित है यह दिन हमें बच्चों के कुछ मूलभूत अधिकारों का स्मरण करवाता है।

इसीलिए हमारे देश में जहां स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसे अनेक राष्ट्रीय त्योहार मनाए जाते हैं, उनके बीच बाल दिवस का भी विशेष महत्व है। बाल दिवस के अवसर पर इन्ही अंतिम शब्दों के साथ में अपने इस भाषण को विराम देना चाहूंगी। समस्त शिक्षक गणों और यहां उपस्थित छात्रों को मुझे ध्यान से सुनने के लिए बहुत सारा धन्यवाद।

भाषण 2 (Medium Speech On Children’s Day In Hindi)

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्य एवं अध्यापक गणों को और सभी सहपाठियों को सुप्रभात।। आज हम सभी यहां स्वाधीन भारत के पहले प्रधानमंत्री के जन्मदिवस की स्मरण में मनाए जाने वाले दिवस बाल दिवस को मनाने हेतु यहां उपस्थित हैं। इस राष्ट्रीय पर्व के मौके पर यहां मुझे अपने विचार रखने का गौरव प्राप्त हुआ है जिसके लिए मैं सभी आयोजकों एवं शिक्षक गणों का आभारी हूं।

बच्चों से स्नेह तो हर कोई करता है परंतु बच्चों से स्नेह करने के साथ-साथ उनके भविष्य निर्माण के लिए कार्य काफी कम लोग करते हैं। और ऐसे ही लोगों को हम महान कहते हैं। और उन्हीं महान शख्सियत में से एक हैं पंडित जवाहरलाल नेहरु जिन्हें प्यार से बच्चे चाचा नेहरू भी बुलाते थे।

भारत के प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ देश की जनता के हित में फैसले लेने के साथ, बच्चों का विकास हो इस बात को वे अपनी जिम्मेदारी समझते थे। जब भी उन्हें समय मिलता है वे अपने इस समय को बच्चों के साथ बिताना पसंद करते थे। उनसे बातचीत कर रहे उनके मन की बात सुनते थे तथा यह समझते थे कि आज भी देश के आजाद होने के बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं जो शिक्षा से वंचित हैं।

वे न तो स्कूल जा पाते हैं और ना ही शिक्षा का अर्थ समझ पाते हैं। क्योंकि बचपन से ही उन्हें बाल मजदूरी का शिकार बना दिया जाता है जिससे भविष्य उनका धुंधला होना निश्चित हो जाता है। बच्चे भी पंडित नेहरू के स्नेह को भलीभांति समझते थे। इसलिए वे उन्हें चाचा नेहरू के नाम से बुलाते थे! देश में बच्चों की दशा सुधारने हेतु वे सदैव प्रयास करते रहे।

वे राष्ट्र के प्रत्येक व्यक्ति बच्चे को शिक्षित बनाना चाहते थे, वे मानती थे कि बच्चों की शिक्षा राष्ट्र के भविष्य निर्माण में सहायता करती है। वे बालिकाओं की शिक्षा पर भी प्रबल जोर देते थे, क्योंकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की शिक्षा का अनुपात उस समय काफी कम था और वे इसे बराबरी में लाना चाहते थे


उनका मानना था कि यदि महिलाएं भी शिक्षित होती हैं तो समाज में फैली कुरीतियों, बुराइयों जैसे कि महिलाओं के साथ मारपीट, उनका शोषण करना, भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों को शिक्षा के द्वारा ही खत्म किया जा सकता था। तथा अक्सर वे अपने भाषणों में इस बात पर काफी जोर देते थे कि हमें मिलकर बच्चों- महिलाओं की शिक्षा पर काम करना चाहिए।  देश के बच्चे खेलें-कूदे शिक्षित बने और देश के विकास में अपना योगदान दें।

यही कारण है कि उनकी याद में आज भी कई दशकों से बाल दिवस को मनाया जा रहा है। बाल दिवस के मौके पर कैबिनेट मंत्रियों तथा अन्य उच्चाधिकारि शांति भवन में उपस्थित होकर इस महान विचारक, विद्वान लेखक, समाज सुधारक को श्रद्धांजलि दी जाती है। तथा पण्डित नेहरू के नि:स्वार्थ बलिदान, शांतिपूर्ण राजनीतिक उपलब्धियों एवं बच्चों एवं युवाओं को सदैव प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें दिल से श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

पूरे भारतवर्ष के विभिन्न कॉलेज, विद्यालयों में बाल दिवस के मौके पर विशेष आयोजन किया जाता है। इस दिन बच्चों की तरफ से स्कूलों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलते हैं। बच्चों को समर्पित इस दिन बच्चों को लड्डूओं का वितरण भी किया जाता है एवं देश भक्ति, प्रेरणादाई गीतों का गायन होता है। एवं उन गीतों पर बच्चों द्वारा किया गया प्रदर्शन वाकई अद्भुत होता है जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में उनके अभिभावक भी इस विशेष दिन पर स्कूलों में मौजूद रहते हैं।

पूरे जीवन नेहरू हमेशा बच्चों को शिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने एवं राष्ट्र के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करते रहे! आइए चाचा नेहरू द्वारा भारत के सुनहरे भविष्य को देखे गए सपने को हम मिलकर साकार करें उन्हीं शब्दों के साथ यह भाषण समाप्त होता है!

भाषण 3 (Short Speech On Children’s Day In Hindi)

माननीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षक गण एवं यहां उपस्थित सभी छात्रों को मेरा नमस्कार। सभी को बाल दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं आज हम सभी यहां बाल दिवस मनाने के लिए उपस्थित है।

हमारे देश में 14 नवंबर का दिन बाल दिवस के रुप में मनाया यह दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म तिथि के मौके पर मनाया जाता है। पंडित नेहरू को बच्चों से बेहद लगाव था इसलिए बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू भी बुलाते थे उनका जन्म 14 नवंबर 1989 को हुआ था।

चाचा नेहरू बच्चों को बेहद प्रिय लगते थे! प्रधानमंत्री के पद पर आसीन होने के बावजूद भी वे अपने खाली समय में बच्चों से मिलते थे उनकी बातें सुनते थे उन्होंने बच्चों के बचपन एवं उनकी शिक्षा को सुधार करने हेतु कई प्रयास भी किए। वे मानते थे कि देश का सुनहरा भविष्य उस देश के बच्चों के हाथों पर ही होता है। बच्चे किसी भी देश के एक स्तंभ है, जिनमें देश की रूपरेखा उनके भविष्य को बदलने की क्षमता होती है।

चाचा नेहरू की याद में बाल दिवस के अवसर पर भारत के विभिन्न स्कूलों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। जिसमें बढ़-चढ़कर स्कूली छात्र भाग लेते हैं और इस दिन को यादगार बनाते हैं।

भारतीय बच्चों के लिए यह विशेष दिन उनके अधिकारों एवं उनकी स्थिति की तरफ सभी का ध्यान ले जाता है! देश में आज भी मूलभूत आवश्यकताओं, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से करोड़ों छात्र वंचित हैं आज भी देश में करोड़ों ऐसे बच्चे हैं जो बचपन में अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाते जिस वजह से उनका भविष्य एक ऐसे गहरे खड्डे में चला जाता है जहां से उन्हें बाहर आने का मौका नहीं मिलता।

अतः बाल दिवस के मौके पर मैं कहना चाहूंगा कि असल में एक बाल दिवस धूमधाम से तभी संपन्न होगा। जब हमारे देश का प्रत्येक बच्चा, उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य को हासिल कर पाएगा। अब इसी उम्मीद के साथ मैं अपने शब्दों को विराम देना चाहूंगा। एक बार फिर से आपको बाल दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं।

उम्मीद है की अब आपको Children’s Day और Children’s Day Speech से जुड़ी काफ़ी जानकारी मिल चुकी होगी, और आप short & long Children’s Day speech, Children’s Day speech for teachers, all about Children’s Day, बाल दिवस पर भाषण – Children’s Day Speech in Hindi के बारे में काफ़ी कुछ जान गये होगे।

उम्मीद है की आपको बाल दिवस पर भाषण – Children’s Day Speech in Hindi का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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