क्रिसमस पर भाषण – Christmas Speech In Hindi

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दोस्तों अगर आप अपने स्कूल, कॉलेज में क्रिसमस डे पर भाषण देना चाहते हो तो आजका यह पोस्ट आप ही के लिए है, क्यूकी आजके इस पोस्ट में हम आपके साथ merry Christmas Speech, Christmas Day Speech for teachers and students in hindi, christmas message in hindi and क्रिसमस पर भाषण – Christmas Speech In Hindi! share करने वाले हैं।

भारत समेत विश्व के अनेक देशों में हर साल क्रिसमस डे का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है इस मौके पर बाजार संजे होते हैं, घर में बच्चे बेहद उत्सुक दिखाई देते हैं। छोटे-छोटे बच्चों का सैंटा क्लॉस के कपड़े पहनना, रात के 12 बजे गिफ्ट की उम्मीद रखना, यह कुछ छोटी छोटी लेकिन विशेष बातें है जो Christmas पर्व को बेहद खास बना देती हैं।

और आज हम इस पर्व से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे क्रिसमस डे कैसे मनाया जाता है? इसे मनाने की परंपरा कब से शुरू हुई? और लोगों के बीच इस पर्व का महत्व इतना क्यों है, इसे स्पीच के माध्यम से समझेंगे।


यदि आपको क्रिसमस डे के मौके पर स्कूल में इस दिन स्पीच देने का अवसर दिया गया है तो नीचे दिए गए भाषण आपको एक शानदार स्पीच देने में सहायता करेंगे। तो चलिए देखते है कुछ Best Christmas Speech In Hindi के बारे में।

क्रिसमस पर भाषण – Christmas Speech In Hindi

क्रिसमस पर भाषण - Christmas Speech In Hindi

भाषण 1 (Long Speech On Christmas In Hindi)

आदरणीय प्रधानाचार्य जी एवं यहां उपस्थित सभी अध्यापक, अध्यापिकाओं और छात्रों को मेरी तरफ से सुप्रभात! आज हम यहां हर साल की तरह 25 दिसंबर को क्रिसमस डे मनाने के लिए उपस्थित हैं, मैं धन्यवाद करना चाहूंगा अपने क्लास टीचर का जिन्होंने इस क्रिसमस जैसे विशेष मौके पर अपने विचारों को आप रखने का अवसर दिया।

ईसाई समुदाय के प्रमुख पर्वों में से क्रिसमस का पर्व हर साल दुनिया के विभिन्न देशों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। क्योंकि यह पर्व किसी एक विशेष समुदाय का ना होकर सभी धर्मों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। इस दिन को ईसा मसीह अर्थात यीशु के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है। साल के अंतिम दिनों में मनाया जाने वाले इस त्यौहार के दिन देश में सांस्कृतिक अवकाश होता है। ईसाई समुदाय ईसा मसीह को ईश्वर के समान मानता है मान्यता है ईसा मसीह ने इस प्रथ्वी पर भगवान के पुत्र के रूप में अवतार लिया था।

इसलिए ईसा मसीह को उनके अनुयायियों द्वारा मसीहा की उपाधि भी दी गई। इस पर्व के आते ही बाजार मॉल्स में तैयारियां शुरू हो जाती हैं, बच्चों के मन की खुशी और उत्सुकता साफ दिखाई देती है। क्योंकि क्रिसमस सुनते ही उनके दिमाग में छवि बनती है सेंटा क्लोज की, क्रिसमस ट्री की, क्रिसमस संगीत, पेस्ट्री- केक सितारों की चमक और जगमगाते बल्ब की बदलते समय के साथ क्रिसमस ने महज धार्मिक ही नहीं, एक सामाजिक पर्व का भी रूप धारण किया है विभिन्न समुदाय के लोग इस त्यौहार को आनंद के साथ मनाते हैं।

बच्चों के बीच मान्यता होती है कि क्रिसमस की रात्रि में 12:00 बजे सेंटा क्लोस आकर उनके तकिए के नीचे उनकि पसंदीदा चीज उन्हें गिफ्ट कर जाएगा। इस दिन विश्व के विभिन्न स्थानों के गिरिजाघरों में यीशु को याद कर उनकी जन्म गाथा की झांकियां पेश की जाती हैं। ईसाई समुदाय द्वारा गिरजा घर जाकर प्रार्थना की जाती हैं और प्रभु यीशु का आशीर्वाद लिया जाता है।

इस मौके पर घरों घरों में क्रिसमस ट्री भी देखे जाते हैं जिनकी अंदाज में सजावट की जाती है। नीचे अलग-अलग गिफ्ट लगाकर इसे सजाया जाता है। वर्तमान में क्रिसमस डे के मौके पर बाजारों में सुंदर सजावट के साथ अनेक क्रिसमस ट्री दिखाई देते हैं, बच्चों बड़ों के लिए भी यह देखना वाकई आनंददायक होता है। इस तरह पूरे विश्व में मनाए जाने वाले इस पर्व के लोगों के बीच मायने बेहद खास हैं।

लेकिन काफी कम लोग इस विश्व प्रसिद्ध पर्व को मनाने का कारण जानते है या फिर इसे जानने की कोशिश करते हैं! लेकिन इस पर्व को मनाते हुई हमें इस पर्व में भगवान यीशु के जन्म से जुड़ी कहानी के बारे में जरूर पता होना चाहिए। मान्यता है एक बार भगवान ने अपने एक दूत मरियम को एक कुंवारी कन्या के पास भेजा। ईश्वर के दूत ने मैरी से कहा कि भगवान का आदेश है तुम्हें अपने गर्भ से ईश्वर के ही एक पुत्र को जन्म देना।

यह बात सुनकर मरियम आश्चर्यचकित रह गई, क्योंकि उस समय मरियम कुंवारी थी लेकिन जैसे-जैसे समय बीता उसकी शादी जोसेफ नामक व्यक्ति से हो गई। और उसके पश्चात एक दिन जोसेफ के सपने में भगवान के दूत आए और उन्होंने कहा कि जल्द ही मैरी गर्भवती होने वाली है उनका ख्याल रखना। यीशु के जन्म के समय जोसेफ और मरियम राजा के आदेश पर जनगणना हेतु येरूसलम गए हुए थे। और शाम के समय कई जगह न मिलने पर वे एक अस्तबल में ठहरे और आधी रात्रि में प्रभु यीशु का जन्म लिया। जन्म के पश्चात ईश्वर के दूत वहां आए, और उन्होंने वहां पास में भेड़े चरा रहे लोगों को प्रभु यीशु के जन्म की जानकारी दी।

जिसे सुनकर वे जोसेफ और मरियम के पास आए और उन्होंने उस बालक को प्रणाम किया बाल्यवस्था में ही प्रभु यीशु में ईश्वर के गुण दिखाई देने लगे, जैसे-जैसे वे बड़े हुए तो उन्होंने अपने राज्य में चारों और भ्रमण किया जो लोग पीड़ा, दुर्बलता से गुजर रहे थे उनके उपचार में मदद की। इसके अलावा अनेक मौकों पर उनके द्वारा दिए गए पवित्र संदेश और उपदेशों ने जन कल्याण में सहायता की। इस तरह धीरे-धीरे उनकी प्रसिद्धि जब चारों ओर फैलने लगी तो इस बात से घृणा करने वाले कुछ लोग उनके खिलाफ खड़े होने लगे।

सद्भावना पूर्ण उनके कार्यों को रोकने के लिए उनके दुश्मनों ने काफी प्रयास किया। और अंत में जब वे इसे न रोक सके और लगातार सत्य के मार्ग पर चल कर लोगों की मदद की तो थक हार कर दुश्मनों ने उन्हें जिंदा लटका कर मौत के घाट उतार दिया लेकिन प्रभु यीशु इस बात से बिल्कुल भी चिंतित नहीं थे, जब उन्हें सूली पर लटकाया जा रहा था तो उस वक्त भी वे कहने लगे ही पिता इन्हें क्षमा कर दीजिए।

और इस तरह दूसरों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर देने वाले प्रभु यीशु की याद में 25 दिसंबर का दिन उनके जन्मदिन के तौर पर मनाया जाने लगा। और इसे आज विभिन्न देशों में क्रिसमस डे के तौर पर मनाते हैं। इन्हीं अंतिम शब्दों के साथ मैं यहां अपने भाषण को समाप्त करूंगा, मुझे ध्यान से सुनने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।।

भाषण 2 (Medium Speech On Christmas In Hindi)

माननीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षक गण और यहां उपस्थित प्रिय छात्रों को मेरी तरफ से सुप्रभात! मेरा नाम.. आज मैं यहां आपके समक्ष क्रिसमस डे के इस खास मौके पर इस पर्व की महत्वता को शब्दों में आप सभी के समक्ष प्रकट करने जा रहा हूं। क्रिसमस पर्व विश्व के विभिन्न देशों में बड़े हर्षोल्लास के साथ अलग अलग अंदाज में मनाया जाता है। ईसाई धर्म का यह एक मुख्य पर्व है लेकिन आज यह पर्व गैर ईसाई धर्म के लोगों द्वारा भी मनाया जाता है। स्वयं भारत में भी आज इस पर्व को विभिन्न समुदायों द्वारा मनाया जाता है।

यह पर्व बच्चों के लिए बेहद खास है, इस दिन छोटे छोटे बच्चे स्कूल में सेंटा क्लॉस के कपड़े पहन कर जाते हैं। क्रिसमस सॉन्ग गाते हैं, डांस करते हैं इस दिन घर में भी उत्सुक माहौल होता है। केक पेस्ट्री इत्यादि काटकर सभी में बांटकर खाई जाती हैं। इस पर्व के आते ही लोग एक दूसरे को इस पर्व की बधाइयां देते हैं, एक दूसरे को उपहार देते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो यह पर्व एक दूसरे के साथ मधुर संबंध कायम करने का पर्व है, इसलिए विश्व भर में यह पर्व मनाया जाता है। चूंकि प्रभु ईसा मसीह यानी प्रभु यीशु की याद में यह पर्व मनाया जाता है। अतः इस पर्व को आनंद, खुशी के साथ साथ मनाने के अलावा यह पर्व हमें अपने जीवन से भी सीख लेने की प्रेरणा देता है।

प्रभु यीशु को ईसाई समुदाय ईश्वर का पुत्र मानता है। और यीशु के लिए आज भी उनके दिलों में गहरी आस्था है। अपने महान विचारों और कर्मों से उन्होंने पूरा जीवन जन सेवा में समर्पित कर दिया। यीशु का जीवन लोगों को अपना जीवन प्रेम और शांति से जीने का संदेश देता है। प्रभु यीशु अक्सर कहा करते थे जो लोग दूसरों से प्रेम करते हैं, उनके मन में ईश्वर निवास करते हैं। वे अक्सर कहते थे कि प्रेम से ही यह दुनिया जीती जा सकती है और नफरत पर जीत हासिल की जा सकती है।

क्षमा करने का संदेश मिलता है! वह कहते थे कि हमें दूसरों को माफ करना सीखना चाहिए। उनके अनुसार क्षमा करना कठिन होता है, परंतु इसमें बहुत शक्ति होती है इससे किसी दुश्मन को भी अपना बनाया जा सकता है। अगर हमें हिंसा का खात्मा करना है तो हमें क्षमा करने का भाव अपने आचरण में लाना चाहिए। इसके साथ ही प्रभु यीशु का जीवन हमें सिखाता है कि यह जिंदगी अनमोल है। अतः हमें इसका मूल्य समझ कर अच्छे कर्म करने चाहिए। प्रभु यीशु कहते थे हर व्यक्ति को खुद पर विश्वास करना चाहिए हमें अपना जीवन मानव कल्याण हेतु समर्पित करना चाहिए।

प्रभु यीशु का जीवन हमें हमेशा सच्चाई के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। वे कहते हैं कि जैसा मनुष्य कर्म करता है, उसी के अनुसार उसे फल भी प्राप्त होता है। अतः मनुष्य को सदैव सच्चाई के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। प्रभु यीशु के जीवन से मिलने वाली इन शिक्षाओं को अगर व्यक्ति आचरण में लाएं तो उसका जीवन धन्य हो जाएगा। क्रिसमस का पर्व मनाने के साथ-साथ हमें प्रभु यीशु के जीवन से सीख लेकर हमें भी अपने जीवन में बेहतर मार्ग पर चलना चाहिए।

भाषण 3 (Short Speech On Christmas In Hindi)

आप सभी को मेरी तरफ से सुप्रभात प्रत्येक वर्ष की तरह ईसा मसीह के जन्मदिन के मौके पर आज हम क्रिसमस डे मनाने के लिए उपस्थित हैं। इस विशेष मौके पर मुझे क्रिसमस डे पर्व के विषय पर अपने विचारों को व्यक्त करने का मौका दिया गया है, जिसके लिए मैं आयोजकों का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। साल के अंत में प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को ईसाइयों के प्रमुख धर्मों में से एक क्रिसमस का पर्व जाता है।

जिसकी धूमधाम हर जगह देखने को मिलती है। इस मौके पर बाजार सजे होते हैं, जमकर लोग खरीदारी करते हैं केक काटते हैं और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को मनाते हैं। ईसाई समुदाय के लोग जहां इस मौके पर गिरजा घर जाकर प्रार्थना कर ईसा मसीह के महान कार्यों और उनके बलिदान को याद कर उन्हें नमन करते हैं। वहीं दूसरी तरफ इस त्यौहार को वर्तमान में गैर ईसाई धर्म के लोग विभिन्न देशों में मनाते हैं।


स्वयं भारत में भी इस पर्व के आते ही रौनक अलग ही देखने को मिलती है। इस दिन लोग एक दूसरे को सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई देते हैं, साथ में अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ पार्टी करते हैं और इस पर्व का जश्न मनाते हैं। यह पर्व लोगों द्वारा अपने परिवार दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मनाया जाता है। क्योंकि यह हर साल ठंड के मौसम में आता है तो इस मौके पर कई लोग अपनी फैमिली, दोस्तों के साथ बर्फबारी का आनंद लेने के लिए भी टूरिस्ट प्लेसिस पर जाते हैं। साथ ही घरों में भी इस पर्व की रौनक देखने को मिलती है, रंग-बिरंगी लाइटे लगाकर, ग्रीटिंग कार्ड, मोमबत्ती इत्यादि का प्रयोग कर लोग घर को सजाते हैं।

देखा जाए तो बदलते समय के साथ लोगों के लिए इस पर्व के मायने बेहद खास हो चुके हैं। अतः इस special day के दिन सभी इस त्यौहार को बड़े उत्साह के साथ मनाना पसंद करते हैं। आपके लिए यह जानना दिलचस्प होगा यह पर्व अलग-अलग देशों में अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है। भारत में जहां घरों में तथा ऑफिस में कर्मचारी अपने बॉस के साथ मिलकर इस डे को सेलिब्रेट करते हैं और लोग चर्च में जाकर कैंडल्स जलाते हैं। वहीं कैथोलिक देशों में इस पर्व को सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस के नाम से मनाया जाता है। और जापान, स्पेन, फ्रांस इत्यादि देशों में इस पर्व को अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जता है।


यूक्रेन में जहां इस पर्व के मौके पर क्रिसमस ट्री पर मकड़ी के जाले लटकाए जाते हैं वही मैक्सिको में गाजर, मूली से अलग अलग तरह की स्टैच्यू बनाए जाते हैं और क्रिसमस के दिन चर्च में ही फैमिली डिनर करती है। अतः सदियों से मनाया जाने वाला यह पारंपरिक पर्व हालांकि अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है, लेकिन देखा जाए तो यह पर्व सभी को भाईचारे के साथ इस पर्व को मनाने का संदेश देता है। और मैं इन्हीं अंतिम शब्दों के साथ अपने भाषण को विराम देना चाहूंगा। मुझे ध्यान से सुनने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।।

तो दोस्तों अब आपको merry Christmas Speech, Christmas Day Speech for teachers and students in hindi, christmas message in hindi and क्रिसमस पर भाषण – Christmas Speech In Hindi! से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी।

उम्मीद है की आपको क्रिसमस पर भाषण – Christmas Speech In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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