शिक्षा पर भाषण – Education Speech In Hindi

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दोस्तों अगर आप शिक्षा पर भाषण, शिक्षा के महत्व पर भाषण या फिर education system पर speech चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम शिक्षा पर भाषण (Education Speech In Hindi) health education, modern education importance of education speech in hindi के बारे में जनिगे।

शिक्षा बगैर एक मनुष्य पशु के समान है, अतः किसी भी राष्ट्र के नागरिकों को अच्छी शिक्षा मिले उसकी यह पहली प्राथमिकता होती है। परंतु शिक्षा के समान अवसर हर किसी को नहीं मिल पाते। आज भी शिक्षा से वंचित कई कई बच्चे अपनी स्कूली शिक्षा तक पूरी नहीं कर पाते।

नमस्कार। प्रिय छात्रों, यदि आपको शिक्षा के विषय पर भाषण देने के लिए किसी Stage पर या अपनी कक्षा में आमंत्रित किया गया है। तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं शिक्षा पर भाषण – Education Speech In Hindi!

आशा है, शिक्षा के विषय पर इन भाषणों को पढ़ने के बाद आप शिक्षा के विषय पर अपने लिए एक अच्छी स्पीच तैयार कर पाएंगे। जो स्पीच सभी को लिए मूल्यवान साबित होगी।

शिक्षा पर भाषण – Education Speech In Hindi

भाषण 1 (Long Speech On Education In Hindi)

आदरणीय अध्यापक गण एवं यहां उपस्थित सभी विद्यार्थियों को सुप्रभात।। आज मैं यहां इस आयोजन पर आपके समक्ष शिक्षा के महत्व पर एक भाषण के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत करने जा रहा हूं। शिक्षा का हमारे जीवन में क्या प्रभाव एवं स्थान है? यह एक शिक्षित व्यक्ति भली भांति जानता है। शिक्षा के बगैर मनुष्य जीवन में आने वाली कठिनाइयों को एक अशिक्षित व्यक्ति भाली भांति समझता है।

एक व्यक्ति के जीवन में स्कूली शिक्षा से पूर्व एक शैक्षणिक संस्थान उसका घर होता है। जब एक बच्चा 3 वर्ष का होता है तो वह अपनी मां से जीवन की पहली ABCD अर्थात बोलना,उठना बैठना इत्यादि सीखता है, एक बच्चा अपनी मां से सीखता है। लेकिन व्यवहारिक जीवन में सफल होने के लिए स्कूली शिक्षा का आवश्यक है। स्कूली शिक्षा बच्चे कि मानसिक बुद्धि का विकास करती है उसको नैतिकता का ज्ञान कराती है।

इसलिए बचपन से माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए उन्हें अच्छे स्कूल में भेजने का प्रयास करते हैं।

एवं अपनी बच्ची की अच्छी शिक्षा के लिए हरसंभव प्रयत्न करते हैं। क्योंकि उचित शिक्षा के बगैर मनुष्य अपने जीवन में भटक जाता है। इसका सबसे बढ़िया उदाहरण आप अपने आस पास उस व्यक्ति को ले सकते हैं जिसने अपनी जिंदगी में शिक्षा प्राप्त नहीं की हो। शिक्षा मनुष्य को समाज में एक बेहतर सामाजिक व्यक्ति बनने के साथ-साथ उसमें कौशलता का निर्माण करती है। जिससे वह सफलता की सीढ़ियां चढ़ सके वह अपने जीवन में बनाए गए लक्ष्यों की प्राप्ति कर सके।

भले ही शिक्षा पाने की यह प्रक्रिया धीमी है, व्यक्ति को शिक्षित होने में जीवन के कई वर्ष देने पड़ते हैं। परंतु शिक्षित होने की यह प्रक्रिया गतिशील है अर्थात बाल्यवस्था से लेकर  युवावस्था तक स्वयं को शिक्षित कर हम भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए शिक्षा ग्रहण करते हैं।

इस दौरान एक छात्र इन वर्षों में काफी कुछ सीखता है, वह जान पाता है कि की किस तरह समस्याओं को सुलझाया जाता है जिससे विपरीत परिस्थितियों में घबराने की बजाय हम सूझबूझ से काम ले सके।

स्कूल में जहां टीचर हमें शिक्षित करने के लिए हमें नई नई चीजें सिखाते हैं। कई बार सीखने के दौरान जब हम असफल हो जाते तो हमें स्कूल में अपनी असफलता से किस तरह सीखना चाहिए? यह बताया जाता है। इस दौरान भले ही स्कूली जीवन में बच्चों को डांट फटकार लगती है, परंतु यह डांट फटकार उन्हें भविष्य के लिए तैयार करती है ताकि वे एक बेहतर भविष्य के पथ पर चल सके।

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद छात्रों को अपना भविष्य नजर आने लगता है। कई छात्र अपनी पढ़ाई आगे जारी रखने के लिए कॉलेज जाते हैं जहां उन्हें उच्च स्तर की शिक्षा दी जाती है। शिक्षा पूरी करने के बाद व्यक्ति नौकरी पेशा करता है अपने एवं अपने परिवार के लिए जीविका उपार्जन करता है। और देश हित में सहयोग देता है। वहीं दूसरी और अशिक्षित व्यक्ति अपने जीवन में बिना शिक्षा के काफी संघर्ष करता है कि बगैर गुरु के उसे अपने जीवन में बनना क्या है? करना क्या है? का जवाब नहीं मिल पाता।

गुरु का साथ एवं उनका आशीर्वाद किसी भी व्यक्ति की कोई भी मुश्किल हो उसे दूर सकता है।

इसलिए एक शिक्षित एवं समझदार व्यक्ति अपने जीवन में गुरु की महत्वता को भलीभांति समझता है। इसलिए एक शिक्षित व्यक्ति हमेशा गुरु का सम्मान करते हैं, वे जानते हैं कि जिंदगी में मैंने जिन उपलब्धियों को हासिल किया है वह सब मेरे गुरु द्वारा मुझे बताये गए मार्गदर्शन का ही परिणाम है।

एक शिक्षित व्यक्ति का व्यवहार ही उसके शिक्षित होने का परिचय देता है। इसलिए कहां गया है यदि किसी राष्ट्र को विकसित होना है, या देश को महान बनाना हो तो उस राष्ट्र के नागरिकों का शिक्षित होना बेहद आवश्यक है। अन्यथा देश का शासन ऐसे लोगों के हाथों में चला जाएगा। जो शिक्षा की कमी की वजह से देश को बेहतर बनाने के स्थान पर देश को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

एक शिक्षित व्यक्ति बनकर कर कई सारी सामाजिक बुराइयां स्वयं खत्म हो जाती हैं। क्योंकि शिक्षा ही एक व्यक्ति को सिखाती है? हमें समाज में किस तरह रहना चाहिए। हमें किस तरह आचरण करना चाहिए एवं ऊंच-नीच जात-पात  का भेद नहीं करना चाहिए।।

अतः संक्षेप में कहें तो शिक्षा समाज में मनुष्य को समानता की ओर ले जाती है। शिक्षा न सिर्फ हमें किताबी विषयों जैसे गणित, भूगोल, विज्ञान का अध्ययन कराती है बल्कि शिक्षा हमें सर्वश्रेष्ठ  इंसान बनना सिखाती है। ताकि किस तरह जिंदगी की चुनौतियां को स्वीकार कर हमें उनसे निपटना चाहिए?

कहां गया एक राजा की पूजा उसकी प्रजा में होती है लेकिन एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह पूजा जाता है। यही वजह है कि एक शिक्षित व्यक्ति न सिर्फ अपने परिवार में, समाज में, बल्कि राष्ट्र की प्रशंसा के योग्य होता है।

धन्यवाद!

भाषण 2 (Medium Speech On Education In Hindi)

आदरणीय मान्यवर, एवम यहां उपस्थित सम्मानीय अध्यापक एवं अध्यापिकाये एवं सभी छात्रों को मेरी ओर से सुप्रभात। आज के इस खास मौके पर मुझे शिक्षा के महत्व के विषय पर अपने विचारों को रखने का मौका मिला है। जिसके लिए मैं आयोजकों एवं शिक्षकों का धन्यवाद व्यक्त करना चाहूंगा।

शिक्षा किसी भी नागरिक के भविष्य निर्माण को तय करती है। शिक्षा मनुष्य को उसके जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। इसलिए बचपन से ही हमारी शिक्षा पर हमारे माता-पिता अभिभावकों की ओर से बल दिया जाता है। वह जीवन में शिक्षा की भूमिका को भलीभांति समझते हैं इसलिए वह हमें सदैव शिक्षा पर ध्यान देने के लिए कहते हैं।

क्योंकि साथियों शिक्षा का हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव है। शिक्षा हमारे व्यक्तिगत जीवन के साथ साथ हमें हमारे पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में हमारी विशेष पहचान दिलाने के लिए उपयोगी साबित होती है। इसलिए एक व्यक्ति अपने जीवन में शिक्षा की महत्वता को कभी भी नजरअंदाज कर नहीं सकता। यदि वह ऐसा करता है। तो समाज में आज विभिन्न प्रकार की कुरीतियां, प्रथाएं या फिर अनेक ऐसे मुद्दे हैं जिनकी जड़ अशिक्षा ही है।

आज ये सभी बुराइयां इसलिए अस्तित्व में है क्योंकि मनुष्य शिक्षित नहीं है। इन बुराइयों में से सर्वप्रथम जैसे असमानता, लिंग भेद, धार्मिक एवं सांस्कृतिक भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए सभी का शिक्षित होना आवश्यक है। हालांकि देश के शासन की बागडोर संभालने वाले सभी वरिष्ठ शासन अधिकारी भी यह भली-भांति जानते हैं

इसलिए सरकार अधिक से अधिक नागरिकों को शिक्षित करने प्रयत्न करती है। इसलिए शिक्षा के प्रोत्साहन को लेकर कई प्रकार की योजनाएं भी समय-समय पर चलाई जाती हैं। ताकि देश का प्रत्येक बच्चा पढ़ लिख सके और अपना बेहतर भविष्य निर्माण कर सकें जिससे देश तरक्की करेगा।

आज देश मे खुले सरकारी स्कूल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ही यही है वित्तीय समस्या के कारण कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे ना रह सके। इसके साथ ही सरकार नागरिकों को शिक्षित करने के लिए समय-समय पर स्कॉलरशिप की भी योजनाएं चलाती हैं ताकि उन्हें पढ़ने लिखने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।

और एक शिक्षित व्यक्ति बनकर व्यक्ति अपने परिवार समाज के साथ-साथ राष्ट्र के लिए एक बेहतर व्यक्ति बन सके।

हालांकि देश का दुर्भाग्य यह है कि आज भी लाखों ऐसे बच्चे हैं जो गरीबी की वजह से स्कूल ही नहीं जा पाते या फिर कुछ सालों में ही उन्हें स्कूल को अलविदा कहना पड़ता है।

फिर वे बगैर अशिक्षा के एक कैसे भटकते जीवन में प्रवेश कर जाते हैं। जहां पर उन्हें स्वयं का, परिवार का ,समाज का या फिर राष्ट्र कि भलाई का कोई ध्यान नहीं जाता। वे ऐसे अंधकारमय जीवन में धंसते चले जाते हैं जहां पर बुराइयों से उनका नाता जुड़ता चला जाता है।

शिक्षा की वजह से वे नशे करने, चोरी करने, मारपीट करने जैसी अपराधिक गतिविधियों पर अपना ध्यान देते हैं। और कुछ सालों बाद वे ऐसी क्रियाओं में इतने निपुण हो जाते हैं कि बड़े-बड़े क्राइम को करने में झिझकते नहीं। और फिर हमें अख़बारों, खबरों में यह सुनने को मिलता है कि देश में चोरी की, रेप की तथा हिंसक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

लेकिन देखा जाए तो इस सब की शुरुआत शिक्षा पूरी न कर पाने की वजह से ही होती है। इसलिए यदि आप आज किसी भी विकसित राष्ट्र को देखें तो आप पाएंगे कि वहां में अधिकतर नागरिक शिक्षित हैं। तो यदि हम भी अपने देश को विकास के पथ पर लाना चाहते हैं देश की प्रगति में अपना योगदान करना चाहते हैं। उस राष्ट्र को महान बनाना चाहते हैं तो जरूरी है राष्ट्र के नागरिकों को शिक्षित बनाने में हम अपना सहयोग करें।

हम यह सहयोग अपने आसपास गरीब अनाथ एवं असहाय बच्चे जो शिक्षा से वंचित हैं उन्हें हम शिक्षा की ओर अग्रसर करके उन्हें स्कूली, पेन कॉपी किताब दिला कर या फिर उन्हें स्वयं एक कमरे में बैठा कर उन्हें शिक्षित करें। ताकि वे शिक्षा का महत्व समझ सके। और शिक्षा के प्रति उनके अंदर भावना जाग उठे। इस तरह हम इस पुण्य का कार्य करके हम दूसरों के भविष्य को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं। एवं राष्ट्र को शिक्षित बनाकर देश को महान बना सकते हैं।

धन्यवाद!

भाषण 3 (Short Speech On Education In Hindi)

आदरणीय मान्यवर यहां उपस्थित सभी शिक्षक गणों को मेरा नमस्कार। आज मैं शिक्षा के महत्व के विषय पर अपने विचार आपके समक्ष रखने जा रहा हूं।

किसी ने क्या खूब कहा है शिक्षा में वो ताकत है जिससे पूरी दुनिया को बदला जा सकता है। इससे जीवन के सभी दुखों का भी अंत हो सकता है इसीलिए प्रत्येक राष्ट्र अपने नागरिकों को शिक्षित करने में भरसक प्रयत्न करता है। शिक्षा हमें अपने समाज में सम्मानीय जीवन जीने एवं खुद के अलावा दूसरों के लिए भी बेहतर जीवन बनाने की दिशा में कार्य करने को प्रेरित करती है।

एक शिक्षित व्यक्ति के गुण, उसके विचार यह दर्शाते हैं कि जीवन को किस तरह असल में जीना चाहिए। वही एक शिक्षित व्यक्ति की तुलना यदि किसी अशिक्षित व्यक्ति से की जाए तो आपको इन दोनों के व्यवहार का साफ-साफ अंतर हो जाएगा। इसलिए एक माता-पिता या अभिभावक के रूप में सभी चाहते हैं कि उनके बच्चे खूब पढ़े-लिखे, शिक्षित बने और अपना उज्जवल भविष्य बनाएं।

क्योंकि शिक्षित व्यक्ति बनके जीवन की प्रमुख उचाईयों को छुआ जा सकता है आज इसके अनेक उदाहरण हमें देखने को मिलते भी हैं। लेकिन दोस्तों जब बात हो शिक्षा की समानता को लेकर तो आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में आज भी शिक्षा में गहरी समानताएं हैं।

आज देश को आजाद हुए लगभग 70 से अधिक वर्ष हो चुके हैं इतने वर्षों बाद काफी कुछ परिवर्तन आया है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में देखा जाए तो आज भी जनसंख्या का बड़ा हिस्सा शिक्षित नहीं है। अभी भी लाखों ऐसे बच्चे हैं जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वे पढ़ाई तो करना तो चाहते हैं परंतु उनके पास संसाधन नहीं है। और अब जब तक यह स्थिति ऐसी है, तब तक एक राष्ट्र के विकसित- महान बनने की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

क्योंकि किसी देश के बच्चों को उस देश के भविष्य की नींव कहा जाता है। लेकिन यदि उनमें साक्षरता नहीं है तो ऐसे में देश का भविष्य उज्जवल हो ही नहीं सकता।

अतः एक नागरिक के तौर पर हमारा भी यही कर्तव्य है कि हम खुद शिक्षित होने के साथ-साथ दूसरों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित कर उन्हें सहायता करें। ताकि पढ़ लिखकर शिक्षित बनकर वह अपना भविष्य सुधार सवार सके जिसके लिए वह जिंदगी भर आपके लिए एहसानमंद रहेंगे।

आप चाहे जीवन में एक बच्चे को ही शिक्षा क्यों ना दे, लेकिन आपके द्वारा शिक्षित किया गया एक व्यक्ति भी देश के भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देगा और इन्हीं छोटे-छोटे योगदान से हमारा देश का विकास होगा।

अतः शिक्षा की महत्वता को समझते हुए एक शिक्षित व्यक्ति होने के नाते हमें गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को शिक्षा के लिए मदद जरूर करनी चाहिए ताकि हम सब मिलकर अपने देश को फिर से विश्व गुरु बना सके।

धन्यवाद!

तो दोस्तों आज इस पोस्ट में हमने आपको शिक्षा पर भाषण (Education Speech In Hindi) health education, modern education importance of education speech in hindi के बारे में बताया है, और आपके साथ शिक्षा पर तीन speech share किए है, आपको जो भी अच्छा लगे आप उसको इस्तेमाल कर सकते हो।

उम्मीद है की आपको शिक्षा पर भाषण – Education Speech In Hindi का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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