कोरोनावायरस पर निबंध – Essay On COVID-19 In Hindi


दोस्तों अगर आप कोरोना वायरस या COVID-19 पर निवंध लिखना चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम कोरोनावायरस पर निबंध, Corona Virus Essay In Hindi and Short & Long Essay On COVID-19 In Hindi के बारे में जानिंगे।

भारत ही नहीं अपितु पूरा विश्व कोरोना बीमारी की चपेट में आ गया है। जिस वजह से इसे एक “महामारी” का भी नाम दिया गया। अगर आप Covid-19 के विषय पर एक निबंध तैयार करना है तो इस पोस्ट हम Essay On COVID-19 In Hindi लेकर आए हैं।

इस महामारी के चलते लोगों के स्वास्थ्य में गिरावट तो हुई है। साथ में विश्व के कई विकसित देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा है, जिसमें कई विकासशील देश जैसे भारत भी शामिल है। तो आप कोविड-19 महामारी के निबंध (Essay On COVID-19 In Hindi) मे कोरोनावायरस के प्रभाव, लक्षण, बचाव तथा इस के प्रकोप के बारे मे जानकारी शामिल करके एक शानदार निबंध तैयार कर सकते हैं।


जिसे आप किसी मंच से या फिर अपने परीक्षाओं में लिख सकते हैं तो आपकी सहायता हेतु हम यहां नीचे कुछ छोटे तथा बड़े निबन्ध उपलब्ध करा रहे हैं।

कोरोनावायरस पर निबंध – Essay On COVID-19 In Hindi

निबंध 1 (300 Words)

परिचय

चीन के वुहान शहर से उत्पत्ति हुई एक वायरस की जिसने आज एक महामारी का रूप ले लिया है इस वायरस का नाम है “कोरोना वायरस” जिस रोगी को यह वायरस जकड़ लेता है उसमें खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण पाए जाते हैं। समय रहते अगर रोगी की उचित देखभाल एवम् इलाज न किया जाए तो इस वायरस से उसकी शीघ्र मृत्यु भी हो सकती है।

इस वायरस की शुरुवात कब हुई?

माना जाता है इस रोग की शुरुआत आज से 90 वर्ष पूर्व वर्ष 1930 में जंतुओं की एक प्रजाति मुर्गी से हुई इस रोग ने मुर्गी की स्वसन प्रणाली को प्रभावित किया। उसके बाद अगले दशक में यह बीमारी मूर्गी के अलावा अन्य जानवरों में भी देखी गई।

और फिर वर्ष 1960 में यही बीमारी मनुष्य में देखी गई, जिससे उसे सर्दी हुई। और उसके बाद से यह रोग आया वर्ष 2019 में जिसने एक महामारी का रूप लेकर आई जिसका भयानक प्रकोप देखने को मिला।

कोराना से बचाव के उपाय?

बहरहाल अब तक किसी भी देश के डॉक्टर्स द्वारा इस बीमारी को लेकर वैक्सीन रिलीज नहीं की गई है। फिलहाल इस पर रिसर्च चल रही है और इस बीमारी से बचने के लिए हमें खुद ही कुछ बातों का ख्याल रखना होगा।

इस संबंध में WHO ने सभी देशों के लिए इस वायरस से बचने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय जारी किए हैं। जो कि निम्नलिखित हैं

• समय-समय पर अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोते रहे। विशेषकर बाहर से घर में आने के बाद।
• किसी भीड़-भाड़ इलाके में न जाने की कोशिश करें लोगों से कम से कम 5 से 6 फीट की दूरी बनाएं।
• हाथों से मुंह को ना छुए।
• बाहर निकलते हुए सदैव मास्क और ग्लव्स का उपयोग करें।
• संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी अस्पताल या सरकार के हेल्पलाइन नंबर (+91-11-23978046) पर कॉल करें और लोगों से उचित दूरी बनाए।

निष्कर्ष

इस महामारी से बचने के लिए सभी सुरक्षा उपायों पर गौर करना सभी नागरिकों का कर्तव्य है! हम मिलजुल कर ही सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं। जरूरी है इस संबंध में हम न सिर्फ अपने परिवार के सदस्यों को एवं समय-समय पर  आस पड़ोस, मौहल्ले में सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया को इसके लिए जागरूक करें।

निबंध 2 (600 Words)

प्रस्तावना

चीन के वुहान से शुरुवात हुई इस बीमारी कि जिसका प्रभाव आज पूरे विश्व में देखा जा रहा है  अतः विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO द्वारा इस बीमारी को एक महामारी घोषित किया गया है। दुनिया के प्रसिद्ध डॉक्टर्स के सामने यह एक लाइलाज बीमारी बन चुकी है। जिस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है।

कोराना वायरस क्या है?

कोरना वायरस नामक यह Virus मनुष्य के बाल की तुलना में 900 गुना सूक्ष्म है। यह वायरस एक ऐसे परिवार का सदस्य है जिस से संक्रमित व्यक्ति में जुकाम, खासी, बुखार, सांस लेने में दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

पृथ्वी में पहली बार यह वायरस देखा गया है। इस वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए WHO द्वारा इसे मनुष्य के लिए जानलेवा बीमारी घोषित कर दिया गया है। फिलहाल दुनिया में अब तक इस वायरस से बचने का कोई भी टीका ईजाद नहीं किया गया है। WHO तथा विभिन्न देशों के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अपने नागरिकों का इस वायरस से बचाव हेतु कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

कोरोना वायरस से बचाव का तरीका

  • खासी, छींक आने के दौरान मुंह को रुमाल, कपड़े या किसी टिश्यू पेपर की मदद से ढक लें।
  • समय-समय पर हाथों को सैनिटाइजर या किसी साबुन से धोते रहें।
  • खांसी, बुखार जैसे लक्षण अगर किसी व्यक्ति में दिखाई देते हैं तो उनसे उचित दूरी बनाए रखे।
  • अंडे, मांस के आहार का सेवन इस दौरान न करें।
  • जंगली जानवरों से संपर्क स्थापित ना करें।

करना वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस के कुछ आम लक्षण हैं! अगर यह लक्षण किसी व्यक्ति में दिखाई देते हैं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। कोरोना वायरस के आम लक्षणों में सबसे पहले व्यक्ति को बुखार होता है उसके बाद सूखी खांसी तथा इसके पश्चात सांस लेने में उसे दिक्कतें आती हैं।

हालांकि इन लक्षणों के अलावा भी कुछ गंभीर लक्षण कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति में हो सकते हैं। जैसे कि निमोनिया, सांस लेने में काफी तकलीफ होना, किडनी फेल हो जाने से अकस्मात मृत्यु हो जाना। हालांकि वे व्यक्ति जो पहले से ही रोगी हैं, मधुमेह जैसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के कोरोना वायरस की चपेट में आने के अधिक मौके होते है।

कोरोना वायरस यदि हो जाए तो क्या करें?

इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति को लोगों से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए नियमित तौर पर डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए। फिलहाल कोरोनावायरस की वैक्सीन पर काम हो रहा है।  अतः सामान्य लोगों द्वारा सरकार द्वारा जारी किए दिशा निर्देशों का पालन करके इस वायरस से खुद का बचाव किया जा सकता है।

मास्क कब पहने?

अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं तो आपको मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं। परंतु यदि आप किसी भीड़-भाड़ इलाके में हैं तो वहां पर किसी दूसरे व्यक्ति से आप तक वायरस न पहुंचे इसके लिए आप मास्क पहन सकते हैं।

इसके अलावा आप यदि कोरोना से पीड़ित किसी व्यक्ति की देखभाल करे, तो इस दौरान भी आपको मास्क पहनना चाहिए।

उपसंहार

सच में एक वायरस किस तरह पूरी मानव प्रजाति के लिए घातक साबित हो सकता है। इसका जीवंत उदाहरण यह कोरोना वायरस  आज से लगभग 18 वर्ष पूर्व दुनिया में एक ऐसे ही वायरस सार्स को देखा गया जिससे पूरी दुनिया में 700 से अधिक लोगों की जानें गई  परंतु कोरोना वायरस के परिणाम सबसे खतरनाक आए हैं। अतः घर पर रहें, सुरक्षित रहें क्योंकि सरकार के दिशा निर्देशों का पालन कर इस वायरस से खुद का बचाव किया जा सकता है।

निबंध 3 (800 Words)

कोरोना महामारी पूरी दुनिया के लिए एक संकट बन कर सामने आई, जिसने अचानक दुनिया को एक ऐसा जीवन जीने के लिए मजबूर कर दिया जहां पर न तो एक व्यक्ति किसी अपनों से मिल सकता था ना ही कहीं स्वतंत्र घूम सकता था।

एक छात्र होने के नाते कोरोना काल का मेरा अनुभव, मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूं। जब भारत में कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो अनेक छात्रों की तरह ही मेरे लिए भी यह एक खुशी का पल था।

क्योंकि स्कूल, ट्यूशन तथा सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद थे, पूरा दिन घर में टीवी देखने, इंटरनेट सर्च करने में बित रहा था। लेकिन कुछ दिन बीते मुझे अपने पुराने दोस्तों की याद में उनसे मिलने, बाहर घूमने का मन हुआ। परंतु लॉकडाउन था और मुझे अपनी इच्छाएं मारनी पड़ी

जून-जुलाई महीने का समय है जब गत वर्ष की परीक्षाओं का परिणाम विद्यालय द्वारा घोषित किया गया। तो नई कक्षा में आने की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लास शुरु कर दी गई। अब फिर से एक बार किताब से रूबरू होने का मौका मिला। लेकिन एक क्लासरूम और ऑनलाइन क्लास के माहौल में जमीन और आसमान का फर्क था। क्योंकि अनुशासन, जागरूकता की कमी की वजह से रोजाना ज्वाइन करने या ना करने का निर्णय मेरा होता था।

समय बीता और जहां मुझे लगता था कोरोना वायरस हम छात्रों के लिए पढ़ाई से दूर रहने का एक अच्छा मौका है। वहीं दूसरी तरफ ख्याल आया कि इससे शिक्षा का भविष्य बेहतर नहीं हो सकता।

क्योंकि ऑनलाइन शिक्षा, ऑफलाइन क्लासेस की तुलना में काफी अलग होती हैं। भले ही टीचर हमें पढ़ाने के लिए अग्रसर क्यों ना हो। मेरी दृष्टि में कोराना काल से एक छात्र के जीवन में फायदे एवं नुकसान दोनों हैं जिनका वर्णन इस प्रकार है।

कोराना वायरस से छात्रों को होने वाले लाभ

छात्रों को इस महामारी ने उनके अंदर छिपी रचनात्मकता, प्रतिभा को बाहर निकालने में मदद की! पढ़ाई से परे, कई छात्रों ने लॉकडाउन के समय समय घर में रहते हुए अपने इंटरेस्ट, पैशन की चीजों को सीखने में अपना समय दिया।


माता-पिता, बड़ों के साथ समय बिताने का मौका

छात्रों को अपने माता-पिता घर के बड़े सदस्यों से बैठकर चर्चा करने का एक शानदार मौका इस कोरोना महामारी ने दिया। आजकल छात्र पढ़ाई को लेकर इतनी गंभीर हो जाते हैं कि कई बार उन्हें दो पल अपने माता-पिता के साथ समय बिताने तक का समय नहीं मिलता! कई छात्र अपने खाली समय में बाहर दोस्तों के साथ मस्ती करने में समय बिता देते है। वही लॉकडाउन होने के कारण घर में अपने परिवार के सदस्यों के साथ छात्रों ने बिताया यह सबसे बड़ा परिवर्तन कहा जा सकता है।

प्रदूषण में कमी

देश के अनेक शहरों जैसे दिल्ली मुंबई में प्रदूषण का स्तर काफी बड़ा हुआ था। लेकिन लॉकडाउन में यातायात, उद्योगों के बंद रहने की वजह से प्रदूषण के स्तर में काफी कमी आई।जिससे छात्रों समेत सभी शहरी लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेने का कोरोना काल ने मौका दिया।

समय की बचत

दोस्तों के साथ गप्पे मारना, बेवजह घंटों बाहर घूमना, यातायात का प्रयोग ना करना यह कुछ ऐसी चीजें हैं जिनसे कोरोना की वजह से छात्रों का काफी समय बचा है। इस समय का इस्तेमाल कई छात्रों ने ऑनलाइन कुछ नया सीखने में किया।

कोराना काल के नुकसान

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में बात करें तो कोरोना की वजह से हमारे विकास की गति अत्यंत तीव्रता से कमी आई है। क्योंकि बेरोजगारी का दर आसमान छू रही है संक्षेप में कहा जाए तो कोरोना महामारी से दुनिया की किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर परिणाम नहीं निकला।

Online Classes

भले ही शिक्षकों द्वारा छात्रों की शिक्षा के लिए ऑनलाइन क्लासेज उपलब्ध करवाई। एवं एक क्लासरूम जैसा ही माहौल तैयार करने में भरपूर कोशिश की। लेकिन ऑफलाइन कक्षा की तुलना में ऑनलाइन क्लासेज से पढ़ने वाले छात्रों की संख्या काफी कम थी।

जिसके दो प्रमुख कारण है, कई छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं को गंभीरता से नहीं लिया, वहीं कई छात्र देश भर में ऐसे हैं जो पढ़ना तो चाहते थे पर उनके पास लैपटॉप कंप्यूटर या मोबाइल के साधन ना होने की वजह से उनकी शिक्षा पूरी नहीं हो पाई।


आंखों में तनाव

इसके साथ ही 5 घंटे लगातार Online, PC मोबाइल डिवाइस को देखने से आंखों में तनाव भी इसका मुख्य नुकसान कहा जा सकता है।

इसी में एक और मुख्य पॉइंट है यहां में जोड़ना चाहूंगा वह यह है कि विभिन्न राज्यों की सरकारों द्वारा स्कूल- कॉलेजों के लिए जो ऑनलाइन एग्जाम निर्धारित किए गए थे। उनमें बड़ी संख्या में नकल हुई, अतः प्रशासन द्वारा जिस योजना के साथ छात्रों के लिए ऑनलाइन एग्जाम आयोजित किए गए उस पर भी सवाल उठता है।

निष्कर्ष

इस प्रकार देखा जाए तो कोराना काल छात्रों के लिए कई तरीके से फायदेमंद एवं नुकसानदायक दोनों रहा। लेकिन इस महामारी की वजह से किसी छात्र को अपने भविष्य में दुष्प्रभाव ना देखने को मिल सके! इसके लिए हमारी सरकार को उचित इंतजाम करने चाहिए जिससे एक बार फिर से देश में सामान्य परिस्थिति कायम हो सके।

तो दोस्तों उम्मीद है की अब आपको corona virus essay से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और आप कोरोनावायरस पर निबंध, Corona Virus Essay In Hindi and Short & Long Essay On COVID-19 In Hindi के बारे में काफ़ी कुछ जान गये होगे।

उम्मीद है की आपको कोरोनावायरस पर निबंध – Essay On COVID-19 In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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