अनुशासन पर निबंध – Essay On Discipline In Hindi

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दोस्तों आज इस पोस्ट में हम आपके साथ anushasan par nivandh, essay on discipline for every class in hindi, अनुशासन पर निबंध – Essay On Discipline In Hindi! share करिंगे।

सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति में कुछ विशेष गुण होने आवश्यक है और उन गुणों में से एक है “अनुशासन” जिसकी बदौलत इंसान अपनी मंजिल को देर से ही परंतु प्राप्त कर लेता है। परंतु अनुशासन की कमी के चलते प्रायः मनुष्य जीवन के उस शिखर तक नहीं पहुंच पाता जिसका वह ख्वाब देखता है।

अनुशासन मनुष्य के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अतः हमारे शिक्षक, अध्यापक प्रायः जीवन में हमें अनुशासन के महत्व को समझाते हैं ताकि हम उसे अपने जीवन में अपनाकर सफलता के पथ पर चल सके! यदि आपको भी जीवन में अनुशासन के महत्व के विषय पर एक निबंध (Essay On Discipline In Hindi) तैयार करना है।


तो आज इस लेख में अनुशासन के विषय में कुछ निबंध उपलब्ध किए जा रहे हैं ताकि आप अपने लिए एक शानदार Essay तैयार करके परीक्षाओं में या फिर किसी प्रतियोगिता में अनुशासन पर अपने विचारों को दूसरों तक पहुंचा सके।

अनुशासन पर निबंध – Essay On Discipline In Hindi

निबंध 1 (500 Words)

मनुष्य के जीवन में प्रगति करने हेतु अनुशासन अत्यंत आवश्यक होता है। एक व्यक्ति के जीवन में अनुशासन प्रेरणा के स्रोत के रूप में भी कार्य करता है जो उसे अपने लक्ष्यों को पाने में सहायता करता है।

साथ ही अनुशासन किसी भी व्यक्ति के चरित्र निर्माण का भी कार्य करता है। इतिहास में अब तक अनुशासन का पालन करते, कई पुरुष महापुरुष बनने की गाथा लिख चुके हैं। बिना अनुशासन के किसी भी मनुष्य का जीवन एक ऐसे वृक्ष के समान है जो बिना फल फूल के होता हैं।

अगर अनुशासन किसी व्यक्ति के जीवन में शामिल नहीं है तो फिर उसके द्वारा किसी अहम कार्य के पूर्ण होने की आशा नहीं की जा सकती। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन का महत्व है फिर चाहे बात हो विद्यालय में, घर में,कार्यालय में हर जगह अगर अनुशासन की कमी हो तो परिणाम मनुष्य के गलत कार्यों के रूप में देखे जाते है।

इसलिए महापुरुष कह गए हैं कि यद्यपि सफलता चाहिए तो अनुशासन को अपनी जिंदगी में शामिल करना ही होगा। परंतु अनुशासन में रहना कोई बच्चों का खेल नहीं इसके लिए मनुष्य के अंदर धैर्य, आशा और वह कभी ना हार मानने का जज्बा होना चाहिए। तभी वह अनुशासन का पालन कर सकता है। अब प्रश्न उठता है कि एक

व्यक्ति अनुशासित कैसे रहे?

प्रत्येक दिन के महत्व को समझना होगा। अक्सर अनुशासन के पालन में सबसे बड़ी बाधा यह होती है कि मनुष्य टालमटोल करता रहता है। आज का काम कल पर टालना, मनुष्य की प्रायः एक आदत बन जाती है।

एक रिसर्च की मानें तो आदमी अपना आधा जीवन तो सिर्फ सोने में ही बिता देता है अतः अनुशासित रहने के लिए जरूरी है कि हम अपने बनाये गए लक्ष्यों पर गौर करें और रोजाना खुद से कहे कि आज का दिन मुझे बर्बाद नहीं करना है।

समय-समय पर लक्ष्य निर्धारित करें!

समय के साथ जब व्यक्ति को किसी चीज की आदत हो जाती है तो फिर वह उसी मे खुद को आरामदायक महसूस करता है।  लेकिन अगर आप एक अनुशासित जीवन जीना चाहते हैं और खुद को मजबूत बनाना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप जीवन में कुछ लक्ष्य बनाए। फिर चाहे वह बॉडी बनाना, कोई चीज पाना हो सकता है और उसके लिए टाइम टेबल के हिसाब से काम करें।

इस तरह आपकी इच्छाएं कभी भी आपको अनुशासित रहित जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं करेगी।

चुनौतियां स्वीकार करें।

किसी व्यक्ति द्वारा आपको दिया गया चैलेंज आपको अपने जीवन में बेहतर बनाता है। फिर चाहे वह बॉडी बनाना, तेज दौड़ना, या फिर किसी भी तरह की चुनौती हो उसे स्वीकार करना सीखें, और फिर उस चैलेंज को जीतने के लिए जी जान लगा दे,

यह आत्म सम्मान बढ़ाने एवं अनुशासित जीवन जीने का एक शानदार तरीका है। मान लिया जाए   यदि किसी को वजन कम करने का चैलेंज दिया जाता है तो वह उस चैलेंज को एक्सेप्ट करके सुबह जल्दी उठकर वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज कर सकता है।

निबंध 2 (500 Words)

प्रस्तावना

अनुशासन जीवन के किसी भी मोड पर अनुशासन एक व्यक्ति को किसी भी क्षेत्र में अधिक बेहतर इंसान बनाने के लिए उत्तरदाई होता है। अनुशासन व्यक्ति को अधिक एकाग्र रखता है जिससे वह किसी भी कार्य को अधिक गहन रुचि के साथ पूर्ण करने योग्य होता है।

एक अनुशासित व्यक्ति का जीवन किसी भी सामान्य पुरुष की तुलना में अधिक श्रेष्ठ माना जाता है। क्योंकि अनुशासन से जीना सभी चाहते हैं परंतु हर कोई इस गुण को अपने अंदर विकसित नहीं कर पाता।

अनुशासन क्यों जरूरी है?

जो व्यक्ति अनुशासित जीवन जीते हैं उन्हें समाज में सम्मान प्राप्त होता है। अगर कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र में विशेषज्ञ है, तो अनुशासन का उसमें विशेष हाथ है। हम अपने जीवन में किसी भी बड़े खिलाड़ी, किसी फिटनेस उत्साही व्यक्ति या किसी भी ऊंचे पद पर आसीन व्यक्ति का उदाहरण ले सकते है।

व्यक्ति के जीवन में सफलता आने से पूर्व अनुशासन उसकी परीक्षा लेता है। क्योंकि व्यक्ति एक दिन में सफल नहीं होता इसके लिए उसे लगातार कड़ी मेहनत करनी होती है जो लोग इस कार्य में फेल हो जाते हैं और अनुशासन में रहकर कार्य नहीं करते हैं सफलता उनसे कोसों दूर रह जाती है।

इसलिए दुनिया के बड़े बड़े सफल लीडर्स अनुशासन के प्रिय थे। महात्मा गांधी के सफल जीवन में अनुशासन का बड़ा योगदान था। अतः यहां में अनुशासन के महत्व को गांधी जी के जीवन से जुड़ी कहानी के माध्यम से आपके समक्ष रखना चाहूंगा।

अनुशासन पर कहानी

महात्मा गांधी के आश्रम में सभी छात्र गांधी जी के साथ भोजन करते थे। लेकिन भोजन के पूर्व गांधीजी का एक नियम था अगर कोई छात्र भोजन के दौरान आश्रम में आता है तो उसे बाहर बरामदे में ही खड़ा रहना होगा। सभी के खाना खाने के बाद उसे अंत में खाना मिलेगा। इसलिए भोजन के दौरान भोजनालय का द्वार बंद कर दिया जाता था ताकि कोई अंदर ना आ सके।

एक बार की बात है गांधीजी को कार्यों में व्यस्तता की वजह से उन्हें भोजन समय पर पहुंचने में देरी हो गई। तो इस दिन अन्य छात्रों के समान गांधीजी भी बाहर बरामदे पर खड़े हो गए। कुछ समय पश्चात उनके किसी दोस्त की नजर उन पर पड़ी तो वे फौरन बाहर गए और कहा आज तो आप भी कटघरे में खड़े हो गए आप आ रहे है या फिर मै एक कुर्सी भिजवा दूं?

यह सुनकर गांधी जी ने बड़े ही प्रेरक शब्द कहे  उन्होंने कहा “यह नियम सभी पर लागू है फिर चाहे वो कोई छात्र हो या कोई गुरु मेरे द्वारा अनुशासन को तोड़ने के लिए मैं सजा का पात्र हूं और मैं इस सजा को भुगतुंगा मुझे कुर्सी की आवश्यकता नहीं” यह कहानी महात्मा गांधी के अनुशासन प्रिय जीवन को दर्शाती है और बताती है कि एक व्यक्ति के जीवन में अनुशासन कितना महत्व रखता है।

अनुशासन का महत्व

इसलिए जो छात्र जितनी जल्दी अपने जीवन में अनुशासन की महत्वता को समझ लेते है और अनुशासित जीवन व्यतीत करते है। अन्य के लिए वे एक आदर्श जीवन की मिसाल कायम कर पाते हैं एक आदर्श जीवन जीने हेतु अनुशासन की उपयोगिता हमारे दिन के शुरू होने से ही शुरू हो जाती है।

अगर हम सुबह जल्दी उठते हैं और नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं। तो यह एक स्वास्थ्य जीवन जीने का अनुशासित तरीका है। वहीं अगर हम अपने विद्यालय में अगर सही समय पर प्रवेश करते हैं, और स्कूल में पढ़ाए जाने वाली सभी विषयों को एकाग्र मन से पढ़ते हैं, होमवर्क पूरा करते हैं तो यह किसी छात्र के लिए एक अनुशासित जीवन है।

वही कार्यालय में सेवारत एक कर्मचारी के तौर पर व्यक्ति को अनुशासित जीवन जीना है तो उसे अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बॉस के आदेशों का पालन करना चाहिए, समय पर ऑफिस पहुंचना एवं बेवजह छुट्टी ना करना यह सभी अनुशासन के ही लक्षण हैं। संक्षेप में कहा जाए तो अनुशासन जिंदगी की सभी गतिविधियों में, हमारे लक्ष्यों में शामिल है। जिसके कई सारे लाभ मनुष्य को होते हैं

जो लोग जल्दी उठते हैं अपने कार्यों को समय पर पूरा करते हैं अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए चुनौतियों से लड़ते हुए उनका सामना करते हैं उनमें आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, वे किसी भी काम को नए तरीके से करने के लिए रचनात्मक सोचते हैं कुछ नया सीखने के लिए आगे रहते हैं।

अतः वे जो अनुशासन का पालन करते हुए अपना जीवन व्यतीत करते है, आप आएंगे उनकी जिंदगी उस व्यक्ति से कहीं ज्यादा बेहतर है जो आलस करता है अपने मनोरंजन के लिए कार्यों को डालता है। बहने बनाता है।

निष्कर्ष

कई बार अनुशासन का पालन करने से कई तरह की समस्याएं जीवन में उत्पन्न होती है। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम  एक अनुशासित जीवन जी कर दूसरों के लिए आदर्श बनना चाहते है? या फिर इस अमूल्य जीवन के दिनों को टाइम पास करके बिताना चाहते है।

निबंध 3 (600 Words)

प्रस्तावना

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज में रहनी हेतु अनुशासन परम आवश्यक है। जिसके बगैर मनुष्य एक अच्छा जीवन व्यतीत नहीं कर सकता एक विद्यार्थी से लेकर घर में बुजुर्ग तक  के लिए अनुशासन योग्य जीवन जीना एक आदर्श जीवन माना जाता है।

अनुशासन एक ऐसी क्रिया मानी जाती है जो व्यक्ति को नियम कानूनों को मान कर आदर्श जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।

अनुशासन का महत्व

अपने दैनिक जीवन को देखें तो आप पाएंगे जीवन के हर क्षेत्र, हर कार्य में अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण होता है पढ़ाई करने से लेकर खेलकूद तक में अनुशासन की आवश्यकता होती है।

और असल में वही व्यक्ति श्रेष्ठ माना जाता है जो अनुशासित जीवन जीता हो, अनुशासित व्यक्ति का जीवन न सिर्फ उसकी खुद की जीवन को बेहतर बनाता है बल्कि यह पूरे राष्ट्र के उन्नति में कारण बनता है। इसलिए कम उम्र से ही माता-पिता, शिक्षक, बच्चों को अनुशासित जीवन जीने का महत्व, तरीके एवं प्रशिक्षण देते हैं।

अनुशासन व्यक्ति में नैतिक मूल्यों का भी निर्माण करता है यह हमें सिखाता है किस तरह समाज में हमें बच्चों, बुजुर्गों कर्मचारियों के साथ व्यवहार करना चाहिए।


अनुशासन का पालन न सिर्फ मनुष्य करता है बल्कि प्रकृति भी अनुशासन में रहकर मनुष्य को अनुशासित योग्य जीवन जीने का संदेश देती है। ठीक समय पर सूरज का उगना- अस्त होना तारों का आकाश में दिखाई देना सभी हमें संदेश देते हैं कि हमें किसी भी कार्य को तय समय पर करना चाहिए।

प्रश्न आता है जब जीवन में अनुशासन का महत्व इतना अधिक है? तो इसके बावजूद भी काफी कम लोग अनुशासित जीवन क्यों जीते हैं? जवाब है अनुशासित जीवन जीने में कठिनाइयां आती हैं परंतु कभी भी हमें उन परेशानियों  से विचलित नहीं होना चाहिए।


अनुशासन कैसे लाएं?

काम में टालमटोल नहीं करना चाहिए। अपने दैनिक कार्यों में या फिर जीवन में बनाए गए लक्ष्यों की प्राप्ति करने हेतु आपको एक्शन लेने की जरूरत होगी। लेकिन कई बार काम करने का मन नहीं करता तो उस आलस को भगा कर काम करना शुरू करें क्योंकि कभी भी एक अनुशासित व्यक्ति काम में टालमटोल नहीं करते।

सकारात्मक सोचें

अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तथा दैनिक  कार्य करने के लिए आपके अंदर सकारात्मक सोच का होना बेहद जरूरी है। अगर आप अच्छा सोचते हैं तो आप कठिन परिस्थितियों में या फिर मन के आलस आने पर भी अपने कार्यों को निरंतर रूप से कर पाएंगे।

जो बोला है, करके दिखाओ

अगर आप एक सफल इंसान और समाज में एक भरोसेमंद इंसान के तौर पर अपनी छवि बनाना चाहते हैं तो आप जो बोलते हैं उसे करके दिखाएं। अनुशासन प्रिय व्यक्ति की बातों में दम होता है वह जो बोलता है वह करके ही दिखाता है अगर आप भी ऐसा करते है तो आप अनुशासन व्यक्ति बनने की दिशा मे तेजी से आगे बढ़ पाएंगे।

फोकस और धैर्य बनाए रखें

जब आप किसी काम को पूरे फोकस के साथ करते हैं तो उसमें सफलता पाने के काफी अवसर बढ़ जाते हैं। आप चाहे पढ़ाई कर रहे हैं या कोई अन्य कार्य कर रहे हैं, फोकस बनाए रखें।

एक अनुशासन प्रिय व्यक्ति की एक और निशानी है उसके पास धैर्य होता है वे लाभ के लिए किसी भी निर्णय को जल्दी से नहीं लेते। क्योंकि वह जानते है जीवन में कुछ पाने हेतु धैर्य रखना बेहद आवश्यक होता है, जल्दबाजी से लिए गए निर्णय या मिली चीजें अधिक समय तक टिक नहीं पाती।

तो यह थे अनुशासन पर निबंध अगर उम्मीद है की आपको anushasan par nivandh, essay on discipline for every class in hindi, अनुशासन पर निबंध – Essay On Discipline In Hindi! से जुड़ी पूरी जानकारी मिल गयी होगी।


उम्मीद है की आपको अनुशासन पर निबंध – Essay On Discipline In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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