समाचार पत्र पर निबंध – Essay On Newspaper In Hindi


समाचार पत्र पर निबंध – Essay On Newspaper In Hindi! दोस्तों अगर आप अख़बार (Newspaper) या समाचार पत्र पर निबंध लिखना चाहते हो तो आजके इस पोस्ट में हम Newspaper के बारे में जानिंगे importance of newspaper in hindi, essay on newspaper for every class, advantages of newspaper and short & long Essay On Newspaper In Hindi

घर बैठे देश विदेश की जानकारियां प्राप्त करने का एक शानदार माध्यम है अखबार, भले ही आज ताजा खबरें प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे मोबाइल, कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है लेकिन आज भी बड़ी संख्या में अखबार पढ़े जाते हैं।

अतः एक शिक्षित व्यक्ति होने के नाते आपको अखबार के महत्व तथा इससे होने वाले लाभ तथा हानियों के बारे में पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए। तो आज हम इस लेख में समाचार पत्र के छोटे एवम् बड़े निबंध (Essay On Newspaper In Hindi) आपके साथ साझा कर रहे हैं।


आशा है यह निबंध आपको पसंद आएंगे और आपके लिए उपयोगी साबित होंगे। आइए शुरू करते है।

समाचार पत्र पर निबंध – Essay On Newspaper In Hindi

निबंध 1 (300 Words)

प्रस्तावना

समाचार पत्र आज हमारे दैनिक जीवन में अहम भूमिका निभा रहा है। यदि हमें किसी भी खबर के बारे में पता करना हो, तो समाचार पत्र वह खबर जानना हमारे लिए आसान कर देता है। समाचार पत्रों में अनेक तरह के छेत्रों से संबंधित सूचना होती है। यह सूचना इतनी सरल भाषा में होती है, कि एक आम व्यक्ति भी उसे अच्छे से पढ सकता है।

समाचार पत्र में राजनीति, खेल, अर्थशास्त्र, भोजन, व्यापार, रोजगार एवं फिल्म जगत से संबंधित आदि अनेक छेत्र आते हैं। समाचार पत्र की उपयोगिता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं एक व्यक्ति समाचार पत्र को खरीदते हुए, अपने पैसों की बरबादी नहीं समझता बल्कि पैसों का सही इस्तेमाल ही मानता है।

समाचार पत्र का उपयोग हम प्रतिदिन अपने आस पास, देश और दुनिया की खबर को जानने के लिए करते हैं।

समाचार पत्र का महत्व

समाचार पत्र बहुत ही शक्तिशाली पत्र है जो व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को विकसित करता है। यह लोगों और संसार के बीच वार्ता का सबसे अच्छा साधन है। यह ज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है, यह अधिक ज्ञान और सूचना प्राप्त करने के साथ ही कुशलता के स्तर को बढाने का सबसे अच्छा स्त्रोत है।

समाचार पत्र शासन नीति की आलोचना कर जनता को उसके प्रति सतर्क रखते हैं। वे जनसाधारण के कष्टों और कठिनाइयों को सरकार के सामने रखकर उनके निवारण के लिए अपील करतें हैं। इस प्रकार वे शासक और शासित के मध्यस्थ बनकर दोनों के बीच ठोस संबंध स्थापित करते हैं।

समाचार पत्र की कुछ हानियाँ

समाचार पत्र की कुछ हानियाँ भी होती हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने दल के हितार्थ समाचार पत्र के माध्यम से असत्य का प्रचार करते रहतें है।

इससे जनता गुमराह हो जाती है और राष्ट्रीय एकता को धक्का पहुँचता है। कभी कभी समाचार पत्र झूठे समाचार प्रकाशित कर शासन के विरुद्ध हलचल पैदा कर देते है। कभी कभी व्यापारी उनके द्वारा अपने माल की अवांछनीय प्रशंसा कर जग को ठग लेते हैं।

समाचार पत्र का इतिहास

साल 1826 में पहला हिंदी अखबार “उछंड मार्तण्ड” की शुरुआत की गई साल 1876 में भारतीय अखबारों पर नियंत्रण प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने वर्नाकुलर प्रेस एक्ट पास किया। साल 1878 में वर्तमान के अंग्रेजी  भाषा के प्रतिष्ठित अखबार द हिंदू की शुरुआत की गई, यह अखबार तामिलनाडू और केरल में प्रकाशित होता था, इसलिए भारत का पहला समाचार पत्र आजादी से पहले ही प्रकाशित हो चुका था। भारत की आज़ादी में समाचार पत्र का अहम योगदान रहा।

आजादी के पहले के न्यूज़ पेपरों के समय को सख्त सरकारी नियंत्रण और सेंसरशिप के लिए जाना जाता था, अगर कोई अखबार ब्रिटिश सरकार के खिलाफ कोई भी खबर छापता था या लिखता था तो प्रकाशक को सख्त सजा दी जाती थी।

देश के विभिन्न समाचार पत्रों के नाम

हमारे देश में अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न भाषाओं के समाचार पत्र लोग पढ़ना पसंद करते हैं। इसके साथ ही समाचार पत्रों के संस्थापक भी क्षेत्रीय भाषाओं के अनुसार समाचार पत्र प्रकाशित करते हैं। भारत में प्रकाशित होने वाले निम्नलिखित समाचार पत्रों के नाम:-


● दैनिक भास्कर
● पत्रिका
● नईदुनिया
● संवाद
● लोकमत
● द हिंदू
● टाइम्स ऑफ इंडिया

● जनसत्ता आदि

निबंध 2 (500 Words)

प्रस्तावना

अखबार हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है, पर डिजिटल विकास के बाद इसका महत्व कुछ कम हो गया है, लेकिन जो लोग इसके महत्व को जानते हैं, वह अभी भी अखबार खरीद और पढ रहे हैं और विकीपीडिया के अनुसार भारत दुनिया में सबसे बड़ा अखबार बाजार है जहां अखबार की प्रतिदिन 78.8 मिलियन प्रतियां बिकती है।

आजकल इंटरनेट प्रोद्योगिकियों की मदद से, इ-न्यूज़ पेपर, मुद्रित संस्करण की जगह ले रहा है।  लोगों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि वे टेबलेट, कंप्यूटर, मोबाइल पर उसी दिन के समाचार पत्र को मुफ्त में पढ सकते हैं। वर्तमान काल में यदि संसार के किसी भी कोने में कोई भी घटना घटित हो, तो उसके अगले दिन हमारे पास उसकी खबर आ जाती है। यह हमारे ज्ञान  कौशल और तकनीकी जागरूकता को बढाने में भी हमारी सहायता करता है।

समाचार पत्र का महत्व

समाचार पत्र के महत्व का पता इसी से लगाया जा सकता है, कि इसे प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति पढना पसंद करता है और सभी इसे खरीदने की क्षमता भी रखते हैं, इसलिए समाचार पत्र सूचना पहुँचाने का सबसे सस्ता और सुलभ साधन है। समाचार पत्र का महत्व दिन-प्रतिदिन बढता ही जा रहा है और इनके पढने वालों की संख्या में भी बढ़ावा हो रहा है।

क्योंकि अखबार बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी पढना पसंद करते हैं। सभी के लिए इसमें कुछ न कुछ सूचनाएँ होती है। व्यापारी वर्ग के लोग इसे इसलिए पढ़ते हैं क्योंकि उन्हें प्रतिदिन के बाजार भाव पता लग जातें हैं और देश दूनिया में बाजार की स्थिति कैसी है, यह भी पता लगता है।

साथ ही व्यापारी लोग इसका उपयोग अपनी व्यावसायिक उन्नति के लिए करते है क्योंकि इसमें कुछ न कुछ सूचनाएँ दी हुई होती है। समाचारों को विद्यार्थियों के लिए एक उदाहरण के रूप में उपयोग करने के लाभ यह है कि वह अखबार से अपने विषय के बारे में बेहतर ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि समाचारपत्र जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, वह कक्षा के विषयों के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं से संबंधित होता जा रहा है।

समाचार पत्र के लाभ

समाचार पत्र निस्संदेह सूचनाओं एवं संवेदनाओं के आदान-प्रदान का प्रमुख स्त्रोत हैं। इसके अतिरिक्त समाचार-पत्रों के माध्यम से व्यक्ति अपने व्यापार, विवाह, नौकरी अथवा अन्य विष्यों से संबंधित विज्ञापन भेज सकता है। विज्ञापन के माध्यम से व्यापारिक संस्थान अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार कर सकते हैं।

खेल जगत में होने वाली हलचलों का पता भी हमें  समाचार पत्रों के माध्यम से ही प्राप्त होता है। निकट भविष्य में कौन से आयोजन किस तिथि को और कहाँ पर हो रहे हैं आदि की संपूर्ण जानकरी हमें समाचार पत्रों से प्राप्त हो जाती है। विश्व के महानतम खिलाडिय़ों  को लोकप्रिय बनाने में समाचार पत्र प्रमुख भूमिका अदा करते हैं।

देश विदेश की दशा का ज्ञान समाचार पत्रों के माध्यम से पता चलता है। इससे लोगों के ज्ञान में  वृद्धि होती है। इससे व्यक्तित्व और चरित्र का विकास होता है।

उपसंहार

सच्चा समाचार पत्र वह है जो निष्पक्ष होकर राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाए।

निबंध 3 (800 Words)

भूमिका

पुराने जमाने में लोगों तक सूचना पहुँचाने का कोई साधन नहीं था, हम सभी ने टीवी पर ही देखा है के पहले जमाने में घोड़े पर जाकर सूचना भेजी जाती थी और यह भी सुना है कि सूचना के आदान-प्रदान के लिए कबूतर के गले में चिट्ठी बांध कर सूचना का आदान-प्रदान करवाया जाता था, लेकिन वक्त बदलता गया और समाचार पत्र का उदय हुआ।

इसके आने के बाद तो जैसे सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वाहन ही मिल गया सर्वप्रथम समाचार पत्र इटली के बेसिन नामक जगह पर छपा था। इसके बाद सभी देशों ने इसके महत्व को समझा और सभी देशों में छपने भी लगा। इसके बाद 18 वीं शताब्दी में अंग्रेजों द्वारा भारत में भी समाचार पत्र को छापना शुरू कर दिया गया था।

समाचार पत्र सूचना क्रांति का एक प्रमुख अंग है। वर्तमान में लोगों की सुबह की शुरुआत अखबार पढते हुए होती है।  हमारे भारत देश में समाचार पत्र कई भाषाओं जैसे-: हिंदी, अंग्रेजी, तामिल, पंजाबी, कन्नड़, तेलुगू, महाराष्ट्र, उर्दू इत्यादि में प्रिंट किए जाते है

और आजकल तो क्षेत्रीय भाषाओं में भी समाचार पत्र उपलब्ध है। इस से हमें देश- विदेश, व्यापार, राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, रोजगार, शेयर मार्केट, फसलों के भाव, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, विज्ञान, अंतरिक्ष, फिल्म उद्योग और देश विदेश में घटने वाली हर घटना का विवरण होता है।

निर्वाह का साधन

समाचार पत्र आजीविका के भी अच्छे साधन है। समाचार पत्रों में काम करने वाले लोगों के अतिरिक्त कागज़ उद्योग, स्याही उद्योग, विज्ञापन एजेंसियों से लेकर घर – घर अखबार पहुँचाने वाले हाॅकरों तक करोड़ों लोगों की रोजी रोटी समाचार पत्रों से चलती है। अत: हर दृष्टि से समाचार पत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण हैं।

समाचार पत्र विज्ञापन का भी अच्छा साधन है। इन विज्ञापनों में नौकरी और व्यक्तिगत सूचना संबंधी विज्ञापनों से लेकर वैवाहिक, शिक्षा संबंधी विज्ञापनों तथा व्यापारी विज्ञापन भी सम्मिलित है। त्योहारों तथा साप्ताहिक परिशिष्ट आदि में समाचार पत्र विशिष्ट सामग्री प्रकाशित करते हैं। इस प्रकार समाचार पत्र सभी के लिए सिद्ध है।

समाचार पत्रों का इतिहास

देखा जाए तो समाचार पत्रों का इतिहास काफी पुराना है। ऐसा माना जाता है कि पहला ज्ञात समाचार पत्र रोमन साम्राज्य में जूलियस सीसर द्वारा सधारण जनता को महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं के विषय में जानकारी प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया था। तब से लेकर अब तक समाचार पत्रों में अनगिनत परिवर्तन आये हैं।

समाचार पत्र का संपादन का कार्य

इसके लिए कई लोगों की आवश्यकता होती है। उन्हें थोड़ा थोड़ा कार्य बांट दिया जाता है। वह अपनी योग्यता और अनुभव के अनुसार कार्य करते हैं। उनके छोटे-छोटे समूह बना दिए जाते हैं। जैसे एक समूह खबर लाने का कार्य करता है और उसके बारे में संबंधित लोगों से बात करता है और उसे कार्यालय तक पहुंचाता है। उसके बाद उस खबर को निर्धारित किया जाता है, कि वह सही है या गलत है। उसके बाद उस खबर को टाइपिंग के लिए भेज दिया जाता है, फिर उसमें कुछ एडिटिंग होती है।

इस तरह से किसी विषय पर एक खबर तैयार हो जाती है। अब उस खबर को अखबार के संबंधित पेज में डाल दिया जाता है। उसके लिए भी एक अलग समूह कार्य करता है, जो केवल पेज में सेटिंग का कार्य करता है। सारे पेज सेट हो जाने के बाद उसे बड़ी मशीनों की सहायता से प्रिंट निकाल लिया जाता है।

अन्य ग्रुप देश के कोने कोने तक उसे पहुंचाते हैं और उसे लोगों तक पहुंचा दिया जाता है। इस तरह से एक छोटी सी खबर बड़े समाचार पत्र में छप कर लोगों तक पहुंचती है।

समाचार पत्र की हानियाँ

● पक्षपातपूर्ण ढंग से और बड़ा-चढा़ कर प्रकाशित किए गए, समाचार-पत्र जनता के दिमाग में गलतफहमी पैदा करते हैं।
● झूठे विज्ञापनों से लोग गुमराह होतें है। इस प्रकार इस प्रभावशाली साधन का दुरूपयोग कभी-कभी देश के लिए अभिशाप बन जाता है।
● जहाँ समाचार पत्र हमारी सर्वागीण सहायता करतें हैं, वहीं अनेक बार उनसे जनहित और राष्ट्रहित दोनों को बडे़ घातक परिणाम भोगने पडे़ है।
● कभी-कभी समाचार पत्र में गलत सूचना प्रकाशित हो जाने के कारण देश में बहुत बडे़ बडे़ दंगे हो जाते हैं। जनता का सरकार पर से विश्वास उठ जाता है, कई बार तो गलत सूचनाओं के कारण इतने दंगे भड़क जाते हैं कि कई महीनों तक कफ्र्यू लगा रहता है।
● कई बार कुछ स्वार्थी लोग अपनी हीन भावनाओं किसी जाति विशेष के लिए अखबार में प्रकाशित करवा देते हैं,  जिससे पूरे समाज में हीन भावना फैल जाती है।

भारत के प्रमुख समाचार पत्र

हमारे भारत देश में कई प्रकार के समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं  लेकिन उनमें से कुछ प्रमुख हैं जिनकों सभी लोग पढ़ना पसंद करते हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं – द टाइम्स आफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम, द इकोनॉमिक्स टाइम्स, द हिंदू, दैनिक सरकार, अमर उजाला, लोकमत, दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, पंजाब केसरी, इंडियन एक्सप्रेस इत्यादि प्रमुख अखबार है।

समाचार पत्र के प्रकार

समाचार पत्र किस प्रकार के होते हैं यह उनके प्रकाशित होने के समय पर निर्भर करता है, कुछ प्रतिदिन प्रकाशित होतें है तो कुछ अर्द्ध साप्ताहिक, साप्ताहिक, अर्द्ध मासिक, साहित्यक व्यापार इत्यादि पर प्रकाशित होती है।

उपसंहार

आज प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में समाचार पत्रों का बहुत अधिक सहयोग है। जनता को अपने द्वारा चुनी हुई सरकार की आलोचना करने और अपनी आवाज उठाने का संपूर्ण अधिकार प्राप्त है। प्रत्येक मनुष्य अपने विचारों को सरकार के सामने स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकता है।

तो दोस्तों उम्मीद है की अब आपको समाचार पत्र पर निबंध और importance of newspaper in hindi, essay on newspaper for every class, advantages of newspaper and short & long Essay On Newspaper In Hindi से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी।

उम्मीद है की आपको समाचार पत्र पर निबंध – Essay On Newspaper In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।



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