मोर पर निबंध – Essay On Peacock In Hindi


राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध – essay on national bird peacock in hindi! दोस्तों अगर आप मोर पर निवंध लिखना चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम मोर के बारे में जानिंगे information about peacock in hindi, short and long Essay On Peacock In Hindi.

वैसे तो जंगल में विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी पाए जाते हैं परंतु अपनी खूबसूरती से हजारों वर्षों से भारतीय संस्कृति की शान बढ़ाने वाला पक्षी मोर सभी के दिलों में बसा हुआ है। अतः यहां आपके साथ मोर पर निबंध साझा कर रहे हैं।

भगवान श्री कृष्ण के सिर पर विराजते मोर के पंख को भारतीय संस्कृति में शुभ पक्षी माना गया है इसके पंखों को अक्सर किताबों के बीच में भी रखा जाता है। अगर आप भी इस पक्षी के महत्व और इसके बारे में और अधिक विस्तार से जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए ही है।


अक्सर स्कूली छात्रों को मोर पर निबंध (Essay On Peacock In Hindi) परीक्षाओं में लिखने के लिए दिया जाता है तो अगर आप भी मोर के निबंध की तलाश में थे तो यहां कुछ छोटे एवं बड़े निबंध दिए गए हैं जिनसे आप मोर पर एक शानदार निबंध तैयार कर पाएंगे।

मोर पर निबंध – Essay On Peacock In Hindi


निबंध 1 (300 Words)

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर हैं लेकिन इतने सारे पक्षियों में आखिर मोर को ही राष्ट्रीय पक्षी क्यों बनाया गया? जवाब है सभी पक्षियों में मोर सबसे सुंदर और आकर्षक पक्षी हैं! अपनी खूबसूरती से मोर अपने आस पास के सभी लोगों का मन मोहित कर लेता हैं मोर अपने पंखों की खूबसूरती से लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता हैं।

मोर के पंख इतने खूबसूरत होते हैं कि उन्हें देख कर ऐसा लगता हैं जैसे कुदरत ने बड़े फ़ुरसत से उनके पंखों को बनाया हैं या यूं कहे कि मोर के पंखों में अपनी कला का प्रदर्शन किया हैं, मोर अपने पंख हर समय नहीं फैलाता यह पक्षी केवल वर्षा और वसंत के मौसम में अपना पंख फैला कर नाचता हैं।

बहुत से लोक कथाओं में लोग ऐसा भी कहते हैं कि जब वर्षा होती हैं तब मोर जंगलों में अपना पंख फैला कर नाचते हैं बहुत से लोगों का ये भी कहना हैं कि मोर बहुत ही खूबसूरती से नाचते हैं

वो अपने पंखों को फैला कर धीरे धीरे नाचते हैं उनका ये नृत्य दर्शकों का मन मोह लेता हैं। जहां नर मोर के पंख अत्यन्त खूबसूरत होते हैं वहीं मादा मोर (जिन्हें आम भाषा में मोरनी कहते हैं) के पंख उतने खूबसूरत नहीं होते हैं। मोर दूसरे पक्षियों से काफी अलग होता हैं, अगर आकृति की बात करे तो ये पक्षी गिद्द से भी बड़ा होता हैं एक नर मोर की औसत लंबाई 115 c.m होता हैं, वहीं उनकी औसत उचाई 50 c.m होती हैं।

मादा मोर नर मोर की तुलना में काफी छोटी होती हैं उनकी औसत लंबाई 15c.m तक होती हैं नर मोर के माथे पर एक छोटी सी कलंगी होती हैं जिन्हें देख कर ऐसा लगता हैं कि मोर ने किसी राजा के सर का ताज पहन रखा हैं। एक नर मोर के पूछ पर औसतन 150 पंख मौजूद होते हैं वैसे मोर एक बहुत ही खूबसूरत पक्षी हैं पर इसके पैर उतने ही बदसूरत होते हैं, पर मोरनी के पैर मोर से भी अधिक बदसूरत होते हैं।

मोर एक बहुत ही खूबसूरत पक्षी हैं मोर के सिर पर बहुत ही खूबसूरत छोटी सी कलंगी होती हैं जो इसके खूबसूरती को बहुत अधिक बढ़ा देता हैं मोर का गला नीले रंग का होता हैं और मोर के पंख सात रंगों से मिल कर बने होता हैं। वहीं मोरनी के सिर पर कोई कलंगी नहीं पाया जाता हैं इसलिए मोर की तुलना में मोरनी कम आकर्षक होती हैं मोरनी का रंग भूरा होता हैं।

मोर कीड़े मकौड़े खाते हैं इनकी इसी खासियत के वजह से उन्हें किसान का मित्र भी कहा जाता हैं। मोर को साप खाना बहुत पसंद हैं इसीलिए साप और मोर के बीच दुश्मनी पाई जाती हैं मोर ज्यादातर जंगलों में रहना पसंद करते हैं दूसरे पक्षियों के तरह ये कोई घोसला नहीं बनाते बल्कि जानवरों की तरह जमीन पर रहते हैं।

मोर भारत के विभिन्न राज्यों में पाए जाते हैं, राजस्थान में मोर अधिक देखने को मिलते हैं। राजस्थान में बहुत सी ऐतिहासिक जगहें है, पुरानी हवेलियां हैं जहां मोर दिखाई देते हैं और सावन के महीने में तो मोर का सुंदर नृत्य देखने को भी मिल सकता हैं कई बार तो मोर वहां के सड़कों में भी दिखाई देते हैं।

निबंध 2 (500 Words)

हमारी प्रकृति बहुत ही सुंदर हैं और मोर इस सुंदर प्रकृति का एक अद्भुद उदाहरण हैं मोर पृथ्वी पर पाये जाने वाले पक्षी वर्ग का एक जीव है, जो पूरे जगत में अपने  सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है इसकी सुंदरता के कारण मोर को राष्ट्रीय पक्षी भी कहा जाता हैं भारत में इस पक्षी की कई प्रजातियां पाई जाती है और ये सभी प्रजातियां एक से बढ़ कर एक खूबसरत होती हैं। मोर एक स्थलधारी जीव है जो जंगलों में रहते हैं ये पक्षी ज़मीन पर रहते हैं इनका कोई घोंसला नहीं होता हैं मोर छोटे छोटे कीड़े मकोड़े को खा कर अपना पेट भरते हैं।

इनकी शारीरिक रचना मध्यम होती है एक मोर गिद से भी बड़ा होता हैं मोर की लंबाई करीब 150 c.m तक होता हैं भी मादा मोर की लंबाई 15 c.m तक होता हैं मोर के आकृति और रंग रूप की बात करे तो मोर के दो पैर, एक चोंच व सर के ऊपर एक बहुत ही सुंदर कलंगी होती है मोर के शरीर का सबसे सुंदर अंग उसका पंख हैं।


मोर हर वक्त अपने पंख नही फैलाते परंतु जब ये अपने पंख फैलाते है तो उस दृश्य की खूबसूरती की बात ही अलग होती हैं मोर अधिकतर अगस्त के महीने में दिखाई देते हैं क्योंकि ये महीना वर्षा का होता हैं मोर का नृत्य बहुत ही मनमोहक होता हैं, इस पक्षी की उम्र काफी लंबी होती हैं।

मोर हमारी संस्कृति को बख़ूबी दर्शाता हैं, जहां मोर का मनमोहक रंग हमारी शांत और सुंदर संस्कृति का प्रतीक हैं। वहीं मोर के सतरंगी पंख हमारे संस्कृति में मौजूद अलग अलग रंगों को दर्शाता हैं मोर का सांस्कृतिक महत्व तो हैं ही पर साथ ही इसका धार्मिक महत्व भी हैं।

भगवान श्री कृष्ण को भी मोर के पंख अत्यंत प्रिय थे इसलिए उनके सिर पर सदा मोर के पंख विराजमान रहते थे, साथ ही मोर हिन्दुओं द्वारा पूजे जाने वाले कार्तिक भगवान के वाहन यानी सवारी हैं इसीलिए मोर को कार्तिक जी के सवारी के तौर पर भी पूजा जाता हैं। मोर के खूबसरत पंख का उपयोग घरों में सजावट का समान बनाने के लिए किया जाता हैं साथ ही साथ शादी की सजावट हो या फिर जन्मदिन की सजावट सभी में मोर के पंख का इस्तेमाल होता हैं।

मोर की बनावट से प्रेरित होकर बहुत से अलग अलग तरह की डिजाइन बनाई जाती हैं सोने के गहनों में अधिकतर डिजाइन मोर के आकृति के ही होते हैं साथ ही पुराने जमाने के गहनों में मोर की आकृति देखने को मिलती हैं मोर हमारे देश की कला को भी बहुत प्रभावित करता हैं।

मोर की इतनी खूबसरती के कारण 1970 दशक का समय ऐसा था। जब इनका शिकार बहुत अधिक बढ़ गया था इस शिकार ने इतना भयानक रूप ले लिया था कि मोर भी विलुप्त होने के कगार में आ गए थे।

मोर का अधिकतर शिकार उनके पंखों के कारण ही होता था पर मोर को विलुप्त होने से बचाने और मोर के शिकार को रोकने के लिए वर्ष 1972 में भारतीय वन्य-जीवन (संरक्षण) अधिनियम लागू किया गया जिसके बाद हमारे राष्ट्रीय पक्षी के शिकार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया।

निबंध 3 (800 Words)

मोर को मयूर भी कहा जाता हैं मोर सभी पक्षियों से ज्यादा सुंदर होता हैं इसकी बनावट व संरचना दूसरे पक्षियों के तुलना में ज्यादा मनमोहक होती हैं साथ ही मोर सभी पक्षियों में सबसे बड़ा होता हैं इसीलिए इसे भारत के राष्ट्रीय पक्षी का सम्मान दिया गया हैं।मोर नीले मलमल रंग का होता हैं मोर की बैगनी बैगनी रंग की होती हैं, इसकी पूछ पर पंखों का को गुच्छा होता हैं वो देखने में सात रंगो का समिश्रण लगता हैं।

वैसे तो इनके पंख हरे रंग के दिखाई देते हैं जिसमें चांद की आकृति में कई रंग सुसजित रहते हैं जैसे बैंगनी,आसमानी, हरे, पीला मोर के सिर पर एक छोटी सी कलंगी पाई जाती हैं जो देखने में चांद की आकर की होती हैं जिसे देखने पर ऐसा लगता हैं जैसे मोर ने अपने माथे पर ताज पहन रखा हो यही कारण हैं कि मोर को पक्षियों का राजा भी कहा जाता हैं।

मोर के पंख दूसरे पक्षियों की तुलना में काफी बड़े होते हैं एक मोर में करीब 150 पंख होते हैं बड़े पंख होने के कारण मोर काफी दूर तक उड़ सकता हैं पर अपने भारी वजन होने के कारण मोर ज्यादा दूर तक नहीं उड़ पाता।

इसीलिए मोर चलना और दौड़ना ही पसंद करता है, लंबे पैर होने के कारण ये आसानी से भाग-दौड़ कर पाता हैं। मोर के पंख अत्यन्त कोमल होते हैं जिसे छूने पर मलमल को छूने जैसा ही महसूस होता हैं मोर की आंखे और चोच छोटी होती हैं जितना मोर खूबसूरत होता हैं उसके पैर उतने ही बदसूरत होते हैं मोर के पैर मटमैले सफेद रंग के होते है ।

मोर अधिकतर पीपल, बरगद और नीम के पेड़ पर दिखाई देते हैं ये पक्षी अपना घोसला नहीं बनाते इन्हें उचे जगहों पर बैठना बहुत पसंद होता हैं इसीलिए ये ज्यादातर पेड़ के ऊपर दिखाई देते हैं मोर एक शांत स्वभाव का पक्षी हैं साथ ही ये शर्मिला भी होता हैं।मोर ज्यादातर जंगलों में दिखाई देते हैं मोर को झुंड में रहना पसंद होता हैं इसीलिए ये ज्यादातर चार पांच मोरों के साथ दिखाई देती हैं वैसे तो मोर दुनिया भर में पाया जाता हैं पर मोर की सबसे सुंदर प्रजातियां भारत में ही पाई जाती हैं।

मोर भारत के अनेक रोज्यों में पाया जाता हैं हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मोर की अधिकांश प्रजातियां देखने को मिलती हैं। दूसरे पक्षी के तरह मोर इंसानों के साथ नहीं रहता बल्कि अपने शांत स्वभाव के कारण यह इंसानों से दूर ही रहता हैं।

मोर की आवाज़ बहुत तीखी और तेज होती है। इसकी आवाज इतनी तेज होती हैं कि इसे 2 की.मी की दूरी से भी सुना जा सकता हैं। किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा जैसे भूकम्प, सुनामी, बाढ़ आने पर ये बहुत जोर से चीखते हैं दूसरे जीवों के तरह मोर के सुनने की शक्ति बहुत अधिक होती हैं हल्की सी आहट भी मोर बहुत दूर से सुन सकता हैं।

मोर का जीवनकाल दूसरे पक्षियों की तुलना में ज्यादा होता हैं मोर करीब 25 वर्ष तक जीवित रहते हैं मोर के खान पान की बात करे तो मोर छोटे छोटे कीड़े मकोड़े के साथ साग सब्जी भी खाता हैं। पर मोर को साप खाना बहुत पसंद होता हैं मोर शब्द नर मोर के लिए प्रयोग किया जाता हैं और मोरनी शब्द मादा मोर के लिए प्रयोग किया जाता हैं मोर की तुलना में मोरनी उतनी सुंदर और आकर्षित नहीं होती हैं।

मोर को बारिश बहुत पसंद होता हैं इसलिए मोर अधिकतर सावन के महीने में दिखाई देते हैं मोर हर समय अपना पंख नहीं फैलाते लेकिन जब बारिश होती हैं तब मोर अपने सुंदर पंखों को फैलाकर नृत्य करता हैं मोर धीमी गति में बहुत ही सुंदर नृत्य करता हैं मोर अपने पंख को धीरे धीरे फैला कर चारो तरफ घूम घूम कर नाचता हैं।

मोर के पंख बहुत ही सुंदर होते हैं इसीलिए इसका उपयोग सुंदर सुंदर सजावट के समान बनाने हेतु किया जाता हैं। मोर की आकृति जैसे बहुत से गहने बनाए जाते हैं मोर की सुंदरता के कारण इसे 26 जनवरी 1963 में भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया इतना ही नहीं मोर म्यानमार का भी राष्ट्रीय पक्षी हैं।

तो दोस्तों उम्मीद है की आपको राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध – essay on national bird peacock in hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और आपको information about peacock in hindi, short and long Essay On Peacock In Hindi. से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी।

उम्मीद है की आपको मोर पर निबंध – Essay On Peacock In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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