नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय – Narendra Modi Biography In Hindi

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Narendra Modi Biography, narendra modi ka jeevan parichay in hindi! दोस्तों अगर आप नरेन्द्र मोदी की जीवनी तलाश रहे हो तो आज इस पोस्ट में हम आपके साथ नरेन्द्र मोदी से जुड़ी पूरी information share करिंगे। नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय – Narendra Modi Biography In Hindi!

यह जरूरी नहीं है कि बड़े सपने देखने के लिए ज्यादा पढ़ने की आवश्यकता होती है। ऐसे हमारे देश में कई उदाहरण है जो कम शिक्षित होने के बावजूद भी ऊंचाई तक पहुंचे हैं।

एक गरीब परिवार में जन्म लेकर भी देश के कई बड़े-बड़े संस्थानों के अधिकारी बनते हैं। उसी तरह एक ऐसे ही व्यक्ति है जो अपने पिता के साथ रेलवे स्टेशन के पास चाय बेचा करते थे और आज वह चाय बेचने वाला भारत का प्रधानमंत्री बन गया। हम बात कर रहे हैं श्री नरेंद्र मोदी की।

आज हम इस लेख में आपको भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बारे में बताएंगे। (नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय – Narendra Modi Biography In Hindi) हम आपको यह भी बताएंगे कि उन्होंने एक चाय बेचने वाले से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर कैसे तय किया और उनके जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करेंगे।

नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय – Narendra Modi Biography In Hindi

सपनों को पूरा करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि हमें अधिक पैसों तथा ऊंची पहुंच की आवश्यकता होती है। यदि कड़ी मेहनत और ऊंचे विचार हो तो एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। नरेंद्र मोदी एक छोटे से गांव में पैदा हुए और रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। बचपन से ही कड़ी मेहनत करने वाले तथा निष्ठावान व्यक्ति है। जो देश के चौदहवें प्रधानमंत्री बने। उनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है।

उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। वह भारतीय जनता पार्टी के दूसरे प्रधानमंत्री बने। नरेंद्र मोदी के बारे में दिलचस्प बात यह है कि वह पहली बार में ही विधायक बन गए थे और वर्ष 2001 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला।

विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर आसान नहीं था पर अच्छे नेतृत्व और अटल बिहारी के साथ अच्छे संपर्क की वजह से उन्होंने इस सफर को आसान बनाया। मोदी 8 साल की उम्र में ही RSS के संपर्क में आ गए थे, RSS के साथ उनका एक लंबा साथ है। वे 2014 से 2019 तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया।

लोगों ने उन्हें दूसरी बार भी प्रधानमंत्री के तौर पर देखना पसंद किया और भारी बहुमत से उन्हें विजय बनाया। वह बहुत ही सादा जीवन जीने वाले व्यक्ति हैं, सरल तथा सादगी उन्हें बहुत पसंद है। वह अपनी माता से बहुत प्रेम करते हैं, जब भी कोई दुविधा तथा खुशी की बात होती है तो मोदी अपनी मां से मिलने जरूर जाते हैं।

नरेंद्र मोदी का आरंभिक जीवन

नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वदनगर मेहसाणा जिला गुजरात में हुआ। नरेंद्र के पिता का नाम दामोदर दास मूलचंद था तथा उनकी माता का नाम हीरा बेन है। नरेंद्र मोदी का परिवार तेली जाति में आता है। नरेंद्र मोदी बचपन से ही आज्ञाकारी तथा निष्ठावान व्यक्ति है। मोदी बचपन से ही मेहनती तथा परिश्रमी रहे, जब उनके पिता रेलवे स्टेशन के किनारे चाय की दुकान लगाया करते थे, तब वह अपने पिता के साथ वहां पर चाय बेचा करते थे।

उनका जीवन आर्थिक तंगी के कारण काफी समस्याओं से घिरा रहा, महज 8 साल की आयु में वे RSS के संपर्क में आ गए थे, वहां पर उन्होंने हिंदूवादी विचार धाराओं के बारे में ज्ञान प्राप्त किया।

नरेंद्र मोदी की शिक्षा

प्रारंभिक शिक्षा नरेंद्र की गांव के ही स्कूल में हुई, उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।

नरेंद्र मोदी का निजी जीवन

नरेंद्र मोदी दामोदर दास मोदी हीराबेन की तीसरी संतान है। इनके घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी, इनकी माता हीराबेन दूसरों के घर में जाकर बर्तन साफ किया करती थी तथा इनके पिता की एक छोटी सी चाय की दुकान थी। उस चाय की दुकान में नरेंद्र मोदी भी जाया करते थे और अपने पिता की मदद करते थे।

उनका पूरा परिवार एक छोटे से कच्चे मकान में रहता था उनके परिवार में 8 लोग रहते थे, वह 6 भाई बहन थे। उनका परिवार इतना गरीब था कि उनके पास खाने के लिए दो वक्त का भोजन भी आसानी से जुट नहीं पाता था। परंतु बचपन से ही नरेंद्र मोदी बहुत ही मेहनती थे।

उनको पढ़ने का बहुत शौक था, मोदी पूर्णता शाकाहारी व्यक्ति है। उन्हें वाद विवाद और नाटक प्रतियोगिता में भाग लेने में बहुत ही रुचि थी। नरेंद्र की सगाई महज 13 वर्ष की आयु में हो गई थी उनकी सगाई जशोदाबेन के साथ हुई और जब उनका विवाह हुआ था, तब उनकी उम्र केवल 17 वर्ष थी। बाद में कुछ ऐसी परिस्थिति आई जिनके वजह से वह दोनों अलग हो गए  इसीलिए उनकी कोई भी संतान नहीं है।

उनको बचपन से ही राजनीतिक विषयों पर बहुत ज्यादा रुचि है, उन्होंने स्कूल के वाद विवाद तथा नाटक प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने इस हुनर का प्रदर्शन किया है।

नरेंद्र मोदी का आरंभिक राजनीतिक करियर

नरेंद्र को बचपन से ही राजनीति  की ओर बड़ा रुझान था, उन्होंने 1987 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और बीजेपी में ही रहकर आगे बढ़ते रहें। 1990 में लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर अयोध्या से रथ यात्रा का संचालन भी उन्होंने किया इसी वजह से पार्टी में उन्हें विशेष दर्जा मिलने लगा।

1991 में मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा में  वे भी शामिल हुए, मोदी ने 1990 के गुजरात विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह से वह धीरे-धीरे गुजरात राज्य में बीजेपी के अच्छे नेता बनने लगे।

इसके बाद सन् 1995 में गुजरात में पहली बार भाजपा की सरकार बनी उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 121 सीटों पर जीत हासिल हुई परंतु यह जीत ज्यादा दिनों तक नहीं चली, सितंबर 1996 में ही बीजेपी कि सरकार गिर गई।

इसके बाद नरेंद्र मोदी को 1995 में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी द्वारा राष्ट्रीय सचिव चुना गया फिर 1998 में भाजपा के अंदर ही लीडरशिप का विवाद चलने लगा। इसी साल मोदी जी को महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया इस पद में वह 2001 तक कार्यरत रहे।

नरेंद्र मोदी का मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल

पहली बार मुख्यमंत्री कार्यकाल

नरेंद्र मोदी का मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल सन 2001 से शुरू हुआ था। नरेंद्र मोदी राजकोट की सीट पर  जीत गए थे। इसके बाद उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया। उन्हें मुख्यमंत्री इसीलिए बनाया गया था क्योंकि केशुभाई पटेल का स्वास्थ्य खराब था और दूसरी तरफ उपचुनाव में भाजपा कई विधानसभा सीटें हार चुकी थी और डूबती हुई, भाजपा की बागडोर मोदी के हाथ में दे दी गई। उन्होंने पहली बार 7 अक्टूबर सन 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर में शपथ ग्रहण ली।

सन 2002 में गुजरात दंगे हुए,इन दंगों का कारण हिंदू मुस्लिम सांप्रदायिक था, इसमें लगभग 2000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवाई। उस समय नरेंद्र मोदी की सरकार थी और इन दंगों को फैलाने का आरोप सरकार पर लगा।

सन 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी बनाई जो इस मामले की जॉच कर रही थी और इस कमेटी ने 2010 में एक रिपोर्ट पेश की जिसमें मोदी को क्लीन चिट मिल गई, फिर से वह साफ-सुथरी छवि के साथ  बीजेपी की बागडोर संभालने लगे।

दूसरी बार मुख्यमंत्री कार्यकाल

जब मोदी को सुप्रीम कोर्ट में क्लीन चिट दे दी तो उन्हें फिर से मुख्यमंत्री का पद दे दिया गया। इस तरह से वह गुजरात के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। जब वह दूसरी बार मुख्यमंत्री बन कर आए तो काफी परिवर्तन हो चुका था इसके बाद नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री के रूप में लगातार 2063 दिन पूरे कर चुके थे जो एक रिकॉर्ड बन गया इस तरह से उनका दूसरा मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल समाप्त हुआ।

तीसरी बार मुख्यमंत्री कार्यकाल

2007 में गुजरात के विधानसभा चुनाव में मोदी को फिर से जीत हासिल हुई और वह तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने अपने राज्य के लिए आर्थिक विकास तथा सामाजिक विकास पर काम करने पर ध्यान दिया। इसके साथ ही निजीकरण पर भी उन्होंने ध्यान केंद्रित किया। उसके बाद उन्होंने कई सारी नीतियां बनाई जिसका सीधा लाभ गुजरात के नागरिकों को हुआ। उन्होंने 2012 में गुडविल मिशन की शुरुआत की जिसका उद्देश्य सद्भावना और मुस्लिम समुदाय को शांत रखना था।

चौथी बार मुख्यमंत्री कार्यकाल

2012 में तीसरी बार मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त हुआ और गुजरात में विधानसभा चुनाव चालू हुआ और फिर से गुजरात के चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मोदी को राज्य में समृद्धि और विकास लाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने अपने शासनकाल में कई सारी ऐसी योजनाएं लाई जिनका सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंचा। उन्होंने राज्य के लोगों के लिए विकास शिक्षा पोषण और गरीबी मिटाने के लिए निरंतर कार्य किया।

उनके कार्य और नीतियां लोगों को बहुत पसंद आई उन्हें राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास करने का भी श्रेय दिया जाता है। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी को भी मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया वह जब भी गुजरात में चुनावी प्रचार होता था। तब वह हमेशा सामने खड़े रहते थे, वह गुजरात के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बन गए थे।

नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री कार्यकाल

पहली बार प्रधानमंत्री कार्यकाल

जब वह गुजरात के चौथी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। सन 2014 में आम चुनाव होने वाले थे कांग्रेस पर बहुत सारे घोटालों के आरोप लगे हुए थे, उसी बीच में अन्ना हजारे ने आंदोलन शुरू कर लिया। जिसका लाभ उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 2014 की आम चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की।

इस चुनाव में मोदी 2 सीटों से चुनाव लड़े पहले सीट वाराणसी और दूसरी सीट वडोदरा दोनों सीटों से वह चुनाव जीत गए और वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन गए।

इस चुनाव में उन्होंने 437 रेलिया की और हर एक रैली में कई सारे मुद्दे जनता के सामने रखें। जिसका परिणाम 534 सीटों में से उन्हें 282 सीटें प्राप्त हुई और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने शपथ ली।

वे देश के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किए गए। उन्होंने अपने कार्यकाल में रक्षा, पर्यावरण, शिक्षा, हिंदुत्व आदि जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कार्य किया और उन्हें निरंतर सुधारने का प्रयत्न करते रहे।

दूसरी बार प्रधानमंत्री कार्यकाल

2019 में लोकसभा चुनाव होने थे लेकिन पिछले कार्यकाल के मुकाबले और ज्यादा सीट प्राप्त की इस चुनाव में उन्हें 303 सीट पर पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ। यह भारतीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है की दूसरी बार कोई नेता पूर्ण बहुमत के साथ इतनी बड़ी जीत हासिल करके प्रधानमंत्री बना हो।

उन्होंने इस चुनाव में एक नारा दिया सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास जिसके वजह से वह और लोकप्रिय हो गए वर्तमान में  उनका ही कार्यकाल चल रहा है।

नरेंद्र मोदी को प्राप्त सम्मान तथा अवार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘सेंट ऐण्ड्रू ऑर्डर’ से सम्मानित किया जा चुका है तथा 2019 में ही उन्हें संयुक्त अरब अमीरात में ‘ऑर्डर ऑफ जयेद’ नामक सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार प्रदान किया है। सितंबर 2018 में उन्हें चैंपियन ऑफ द अर्थ अवार्ड से नवाजा जा चुका है। यह अवार्ड उन्हें प्लास्टिक से देश को मुक्त कराने के संकल्प के लिए दिया गया था। फरवरी 2019 में सियोल शांति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। इस तरह से उन्हें कई छोटे तथा बड़े पुरस्कार तथा सम्मान प्राप्त है।

नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म “नमो”

यह मूवी नरेंद्र मोदी के जीवन पर बनी है। इसे 24 मई 2019 को रिलीज किया गया था। इसमें नरेंद्र मोदी का किरदार अभिनेता विवेक ओबरॉय ने निभाया है। इसमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगाए गए आपातकाल के बारे में नरेंद्र मोदी की भूमिका के बारे में दिखाया गया है।

नरेंद्र मोदी के विचार

● एक बार जब हम यह तय कर लेते हैं कि हमें कुछ करना है तो हम मिलो आगे जा सकते हैं।
● हममें से सभी के पास अच्छे और बुरे दोनों गुण हैं जो लोग अच्छे गुण पर ध्यान केंद्रित करते हैं वे लोग सफल होते हैं।
● बंदूक के साथ आप पृथ्वी को लाल बना सकते हैं लेकिन यदि आपके पास हल है तो आप पृथ्वी को हरा बना सकते हैं।

आशा करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे। इस लेख का उद्देश्य नरेंद्र मोदी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बारे में जान सके।

उम्मीद है अब आपको नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय – Narendra Modi Biography In Hindi! से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और आप जान गये होगे Narendra Modi Biography, narendra modi ka jeevan parichay in hindi! के बारे में।

उम्मीद है की आपको नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय – Narendra Modi Biography In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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